मानेसर मजदूर आंदोलन पर उबाल: 55 मजदूरों की रिहाई को लेकर 16 अप्रैल को सड़कों पर उतरेगी सीटू

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पुलिसिया दमन के खिलाफ प्रदेशव्यापी प्रदर्शन की चेतावनी, न्यूनतम वेतन लागू न करने पर सरकार को ठहराया जिम्मेदार

गुड़गांव, 11 अप्रैल 2026। मानेसर में मजदूर आंदोलन पर हुए कथित पुलिसिया दमन के विरोध में सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीटू) ने बड़ा ऐलान किया है। संगठन ने 55 गिरफ्तार मजदूरों की बिना शर्त रिहाई की मांग करते हुए 16 अप्रैल को पूरे हरियाणा में सड़कों पर उतरने का निर्णय लिया है।

सीटू के राज्य महासचिव जयभगवान, उपाध्यक्ष विनोद कुमार, सतबीर सिंह, कोषाध्यक्ष सुखबीर सिंह, जिला प्रधान सुरेश नोहरा और सचिव रानी ने संयुक्त प्रेस बयान में कहा कि प्रदेश में मजदूरों का व्यापक शोषण हो रहा है। मजदूरों से बिना ओवरटाइम के 12 से 14 घंटे काम लिया जा रहा है, जबकि साप्ताहिक अवकाश तक नहीं मिल पा रहा।

नेताओं ने मानेसर की घटना के लिए सरकार और उद्योग प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि पिछले छह वर्षों से न्यूनतम मजदूरी तय नहीं की गई। ट्रेड यूनियनों द्वारा 26 हजार रुपये मासिक वेतन की मांग उठाई गई थी और 8 मई से 29 दिसंबर 2025 तक 9 त्रिपक्षीय बैठकों के बाद 23,196 रुपये न्यूनतम वेतन पर सहमति बन गई थी। लेकिन सरकार ने बजट भाषण में केवल 15,220 रुपये की घोषणा कर दी और उसका भी नोटिफिकेशन जारी नहीं किया।

सीटू ने आरोप लगाया कि यदि समय रहते अधिसूचना जारी कर दी जाती तो यह स्थिति पैदा नहीं होती। महंगाई के चलते मजदूरों की हालत बदतर हो चुकी है, जिसके कारण उन्हें सड़कों पर उतरना पड़ा।

पुलिस कार्रवाई पर कड़ा विरोध जताते हुए नेताओं ने कहा कि 8 अप्रैल को मुख्यमंत्री द्वारा वेतन घोषणा के बाद माहौल शांत हो रहा था, लेकिन शाम को धारा 163 लगाकर लाठीचार्ज करना और 55 मजदूरों को गिरफ्तार करना ट्रेड यूनियन अधिकारों पर सीधा हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और उद्योगपति मिलकर मजदूरों को आंदोलन से डराने की कोशिश कर रहे हैं।

सीटू ने ईंट-भट्ठा मजदूरों की उपेक्षा का मुद्दा भी उठाया और कहा कि नई वेतन अधिसूचना में उनके लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया है, जबकि राज्य में करीब 2 लाख भट्ठा मजदूर कार्यरत हैं।

मुख्य मांगें:
  • गिरफ्तार 55 मजदूरों की बिना शर्त रिहाई
  • झूठे मुकदमों को तत्काल रद्द किया जाए
  • 23,196 रुपये न्यूनतम वेतन लागू किया जाए
  • मृतक मजदूरों के परिजनों को 50 लाख रुपये मुआवजा
  • कार्यस्थल पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए

सीटू ने घोषणा की कि 13 अप्रैल को मुख्यमंत्री और श्रम मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा, जबकि 16 अप्रैल को प्रदेशभर में दमन विरोधी प्रदर्शन किए जाएंगे। संगठन ने सभी ट्रेड यूनियनों और मजदूरों से आंदोलन में भाग लेने की अपील की है।

इसके अलावा सीटू ने हरियाणा में अग्निशमन कर्मियों की जारी हड़ताल का समर्थन करते हुए सरकार से वार्ता कर उनकी मांगों का समाधान करने की भी मांग की।

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Author: Bharat Sarathi

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