हरियाणा में 15,200 रुपये न्यूनतम मजदूरी पर बवाल, AIUTUC ने बताया “ऊंट के मुंह में जीरा”

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28,000 रुपये मासिक वेतन की मांग दोहराई, सरकार को दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी

गुरुग्राम, 8 अप्रैल 2026: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा हरियाणा में अकुशल मजदूरों के लिए 15,200 रुपये न्यूनतम मजदूरी घोषित किए जाने पर ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर (AIUTUC) ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

AIUTUC के जिला सचिव एवं हरियाणा उपाध्यक्ष कामरेड श्रवण कुमार ने कहा कि सरकार ने पिछले करीब 11 वर्षों से न्यूनतम वेतन का समुचित पुनरीक्षण नहीं किया, जिसके चलते मजदूरों की वास्तविक आय लगातार घटती रही है। उन्होंने मौजूदा महंगाई के दौर में 15,200 रुपये की वृद्धि को “ऊंट के मुंह में जीरा” करार देते हुए कहा कि इससे मजदूरों के जीवन स्तर में कोई ठोस सुधार संभव नहीं है।

उन्होंने आगे कहा कि मजदूर लंबे समय से 28,000 रुपये प्रतिमाह न्यूनतम वेतन की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, जो वर्तमान महंगाई दर के अनुसार पूरी तरह तार्किक और केवल गुजारा-लायक वेतन है। खाद्य सामग्री, किराया, शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवहन जैसी बुनियादी जरूरतों के बढ़ते खर्च को देखते हुए इससे कम वेतन पर सम्मानजनक जीवन संभव नहीं है।

कामरेड श्रवण कुमार ने सरकार से इस फैसले पर त्वरित पुनर्विचार करने और मजदूरों की मांग को स्वीकार करते हुए 28,000 रुपये मासिक न्यूनतम वेतन घोषित करने की मांग की।

साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मजदूरों की इस उचित मांग को नजरअंदाज किया, तो ट्रेड यूनियनें व्यापक स्तर पर आंदोलन तेज करने के लिए बाध्य होंगी।

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Author: Bharat Sarathi

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