26 अप्रैल को दो सत्रों में होगी परीक्षा, पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के निर्देश
परीक्षार्थियों के लिए सुविधाजनक, सुरक्षित और व्यवस्थित माहौल सुनिश्चित करना आयोग की प्राथमिकता
गुरुग्राम, 7 अप्रैल — हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) द्वारा आयोजित एचसीएस (एक्जीक्यूटिव ब्रांच) एवं अन्य संबद्ध सेवाओं की प्रारंभिक परीक्षा-2025 के सफल आयोजन को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में एचपीएससी सदस्य डॉ सोनिया त्रिखा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परीक्षा को पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और बेहतर समन्वय के साथ संपन्न कराया जाए। डीसी अजय कुमार ने हरियाणा लोक सेवा आयोग की सदस्य का गुरुग्राम पहुंचने पर स्वागत किया और पूर्व में आयोजित परीक्षाओं के अनुभव भी सांझा किए।
उन्होंने बताया कि परीक्षा 26 अप्रैल 2026 (रविवार) को दो सत्रों में होगी। प्रथम सत्र सुबह 10:00 बजे से 12:00 बजे तक तथा द्वितीय सत्र शाम 3:00 बजे से 5:00 बजे तक। निर्धारित समय के बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
बैठक में परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए निर्देश दिए गए कि सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी रखी जाए और बायोमेट्रिक सत्यापन के माध्यम से उपस्थिति दर्ज की जाए। मोबाइल जैमर के जरिए नेटवर्क नियंत्रित रखने, फ्रिस्किंग और बैगेज प्रबंधन को सख्ती से लागू करने तथा केंद्रों के आसपास धारा 144 लागू कर भीड़ एकत्र होने से रोकने के निर्देश दिए गए।
इसके अतिरिक्त, केंद्रों के 500 मीटर के दायरे में पार्किंग और अनावश्यक गतिविधियों पर रोक लगाने तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश भी दिए गए।
डॉ सोनिया त्रिखा ने स्पष्ट किया कि परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखना प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की नकल या अनुचित गतिविधि को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संवेदनशील क्षेत्रों और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाए तथा परीक्षा के दौरान लगातार निरीक्षण किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि सभी अधिकारी और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी परीक्षार्थियों के साथ संवेदनशील और सकारात्मक व्यवहार रखें। उन्हें अपने बच्चों के समान समझते हुए उनकी सुविधा, सुरक्षा और सम्मान का विशेष ध्यान रखा जाए। परीक्षा केंद्रों पर आने वाले अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए प्रवेश से लेकर परीक्षा समाप्ति तक हर व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी अभ्यर्थी के साथ अनावश्यक सख्ती या दुर्व्यवहार न हो, बल्कि नियमों का पालन करते हुए सहयोगात्मक रवैया अपनाया जाए। साथ ही, यदि किसी परीक्षार्थी को कोई समस्या आती है तो उसका तुरंत समाधान किया जाए, ताकि सभी अभ्यर्थी शांत और सकारात्मक माहौल में परीक्षा दे सकें।
आयोग द्वारा अभ्यर्थियों के लिए भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। परीक्षा केंद्र में प्रवेश केवल वैध एडमिट कार्ड और मूल पहचान पत्र के आधार पर ही दिया जाएगा। मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, स्मार्ट वॉच, पेन स्कैनर सहित किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण परीक्षा केंद्र में ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
सिख अभ्यर्थियों के लिए निर्देश है कि यदि वे कड़ा और कृपाण के साथ परीक्षा केंद्र में आते हैं तो उन्हें जांच प्रक्रिया के लिए निर्धारित समय से पहले पहुंचना होगा और तय मानकों के अनुसार ही अनुमति दी जाएगी। वहीं विवाहित महिला अभ्यर्थियों को जांच के बाद मंगलसूत्र पहनने की अनुमति दी जाएगी।
इसके अलावा, अभ्यर्थियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश करना होगा, इसके बाद किसी को भी प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि सभी परीक्षा केंद्रों पर बिजली, पेयजल, साफ-सफाई, बैठने की उचित व्यवस्था, दीवार घड़ियां और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। अधिकारियों को परीक्षा से पूर्व सभी केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जांच करने और किसी भी कमी को समय रहते दूर करने के निर्देश दिए गए।
डॉ सोनिया त्रिखा ने कहा कि सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाएं, ताकि परीक्षा बिना किसी व्यवधान के निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
बैठक में एडीसी सोनू भट्ट, एएलसी कुशल कटारिया, एसीपी सुशीला, जिला शिक्षा अधिकारी इंदु बोकन सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।








