रेवाड़ी में 300 बेड अस्पताल पर घमासान: वेदप्रकाश विद्रोही ने स्वास्थ्य मंत्री से मांगा जवाब

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“200 बेड का अस्पताल ही नहीं, तो 300 बेड अपग्रेड कैसे?” — 17 महीने बाद भी स्थान स्पष्ट नहीं, ग्रामीणों का 292 दिन से धरना जारी

रेवाड़ी, 4 अप्रैल 2026 – स्वयंसेवी संस्था ‘ग्रामीण भारत’ के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव पर तीखा हमला बोलते हुए रेवाड़ी में प्रस्तावित 300 बेड के सरकारी अस्पताल को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं।

विद्रोही ने कहा कि हरियाणा बजट 2026 में नायब सिंह सैनी द्वारा रेवाड़ी में 200 बेड के अस्पताल को अपग्रेड कर 300 बेड का बनाने की घोषणा की गई, जबकि हकीकत यह है कि जिले में 200 बेड का कोई स्पष्ट रूप से स्थापित सरकारी अस्पताल ही मौजूद नहीं है। ऐसे में यह घोषणा “जमीनी सच्चाई से कोसों दूर” प्रतीत होती है।

उन्होंने सवाल उठाया कि स्वास्थ्य मंत्री बनने के 17 महीने बाद भी आरती राव यह नहीं बता पा रही हैं कि रेवाड़ी में 200 बेड का अस्पताल आखिर कहां बनेगा। विद्रोही ने इसे “प्रशासनिक विफलता” और “जनता के साथ छल” करार दिया।

विद्रोही ने यह भी कहा कि स्वास्थ्य मंत्री अपने गृह क्षेत्र से होने के बावजूद अस्पताल की लोकेशन तक स्पष्ट नहीं कर पा रहीं, ऐसे में स्वास्थ्य विभाग को लेकर बड़े-बड़े दावे करना उनके लिए नैतिक रूप से उचित नहीं है।

माजरा में बन रहे एम्स माजरा को लेकर भी विद्रोही ने मंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केंद्र सरकार के अधीन है, फिर भी मंत्री हर सप्ताह इस पर बयान देती हैं, जबकि रेवाड़ी के अस्पताल जैसे सीधे उनके अधिकार क्षेत्र के मुद्दे पर 17 महीनों से चुप्पी साधे हुए हैं।

उन्होंने बताया कि रामगढ़ भगावानपुर में 200 बेड अस्पताल की मांग को लेकर ग्रामीण पिछले 292 दिनों से धरने पर बैठे हैं, लेकिन सरकार अब तक यह स्पष्ट नहीं कर पाई है कि अस्पताल का निर्माण आखिर कहां होगा।

विद्रोही ने आरोप लगाया कि पिछले 8 वर्षों से भाजपा सरकार रेवाड़ी में 200 बेड के अस्पताल का दावा कर रही है, लेकिन अब तक उसकी लोकेशन तक तय नहीं हो सकी। ऐसे में 300 बेड के अस्पताल की घोषणा “आम जनता के साथ क्रूर मजाक” है।

अंत में विद्रोही ने स्वास्थ्य मंत्री से मांग की कि वे स्पष्ट रूप से बताएं कि रेवाड़ी में 200 या 300 बेड का अस्पताल कहां और कब बनेगा। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार इस पर स्पष्ट जवाब नहीं देती, तब तक स्वास्थ्य विभाग को लेकर बड़े दावे करना बंद करना चाहिए।

मुख्य सवाल
  • 200 बेड का अस्पताल कहां है, जिसे अपग्रेड किया जाएगा?
  • 17 महीने बाद भी स्थान तय क्यों नहीं?
  • 292 दिन से धरने पर बैठे ग्रामीणों की मांग अनसुनी क्यों?
  • क्या 300 बेड अस्पताल की घोषणा केवल कागजी है?
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Author: Bharat Sarathi

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