पांच दिनों में दूसरी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, आमजन पर बढ़ा आर्थिक बोझ
वेदप्रकाश विद्रोही ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर साधा निशाना
रेवाडी, 19 मई 2026 — स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने विगत पांच दिनों में दूसरी बार पेट्रोल व डीजल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी को आमजन पर सीधा आर्थिक हमला बताते हुए केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल के दाम में 87 पैसे तथा डीजल में 91 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि ने महंगाई को चौतरफा बढ़ावा देने का काम किया है।
विद्रोही ने कहा कि पिछले पांच दिनों में दो किस्तों में पेट्रोल की कीमत में 3.87 रुपये प्रति लीटर तथा डीजल में 3.91 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो चुकी है। वहीं सीएनजी के दाम भी 3 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ाए गए हैं। उनका कहना है कि इससे न केवल परिवहन खर्च बढ़ेगा बल्कि खाद्य पदार्थों से लेकर दैनिक जरूरत की वस्तुओं तक सब कुछ महंगा हो जाएगा।
उन्होंने आशंका जताई कि अप्रैल माह की 8.30 प्रतिशत थोक महंगाई दर इस बात का संकेत है कि मई में खुदरा महंगाई दर 10 से 12 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। खाद्य पदार्थों की कीमतों में सबसे अधिक उछाल देखने को मिलेगा, जिससे आम परिवारों का रसोई बजट बुरी तरह प्रभावित होगा। होटल, ढाबों, रेहड़ी-खोमचों तथा ऑनलाइन खाद्य सेवाओं के दाम भी 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ने की संभावना है।
वेदप्रकाश विद्रोही ने कहा कि ईरान-अमेरिका तनाव और खाड़ी क्षेत्र के संकट का असर भारत की अर्थव्यवस्था पर गहराई से पड़ रहा है, जिसकी सबसे बड़ी मार आम नागरिक झेल रहा है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले दिनों में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी के दाम लगातार बढ़ते रहेंगे और इनमें 15 से 20 रुपये प्रति लीटर तक की और बढ़ोतरी संभव है।
उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि अमेरिका के दबाव में ईरान और रूस से मिलने वाले सस्ते कच्चे तेल को छोड़कर महंगे तेल और गैस का विकल्प अपनाया गया, जिसका खामियाजा देश की जनता भुगत रही है। विद्रोही ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर भी विवादित राजनीतिक टिप्पणियां करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण देश के नागरिकों पर लगातार आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।








