कलेक्टर रेट में 75% तक बढ़ोतरी: सरकार पर आमजन और किसानों को दोहरी मार देने का आरोप

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वेदप्रकाश विद्रोही बोले— स्टाम्प ड्यूटी से खजाना भर रही सरकार, मगर भूमि अधिग्रहण में किसानों को नहीं दे रही उचित मुआवजा

रेवाडी, 3 अप्रैल 2026 – स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने हरियाणा सरकार पर कलेक्टर रेट में 25 से 75 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कर आमजन और किसानों पर दोहरी मार डालने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने स्टाम्प ड्यूटी के माध्यम से अपना खजाना भरने का इंतजाम तो कर लिया है, लेकिन इससे आम आदमी का अपने घर का सपना और दूर होता जा रहा है।

विद्रोही ने सवाल उठाया कि जब सरकार कलेक्टर रेट बढ़ाकर आमजन से अधिक पैसा वसूलती है, तो वहीं भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के तहत किसानों को कलेक्टर रेट के अनुपात में चार गुना मुआवजा देने से क्यों बचती है। उन्होंने इसे सरकार का “दोगला रवैया” बताते हुए कहा कि अपनी आय बढ़ाने के लिए नियम सख्त कर दिए जाते हैं, लेकिन किसानों को उनका हक देने में टालमटोल की जाती है।

उन्होंने कहा कि कलेक्टर रेट बढ़ने से जमीन-जायदाद और मकान खरीदना महंगा हो गया है, वहीं दूसरी ओर निर्माण सामग्री के दाम बढ़ने से घर बनाना भी आम आदमी की पहुंच से बाहर होता जा रहा है। ऐसी स्थिति में खासकर गरीब और कमजोर वर्ग के लिए शहरों में प्लॉट खरीदकर घर बनाना केवल सपना बनकर रह जाएगा।

विद्रोही ने यह भी कहा कि गांवों में लाल डोरे के अंदर जमीन की रजिस्ट्री को अनिवार्य करने और कलेक्टर रेट बढ़ाने से ग्रामीण गरीबों के लिए भी मकान बनाना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार एक तरफ स्टाम्प ड्यूटी के जरिए आमजन से अधिक वसूली कर रही है, वहीं दूसरी ओर किसानों से जमीन लेने के लिए भूमि अधिग्रहण कानून 2013 की अनदेखी कर नए-नए नियम बनाकर सस्ते में जमीन हासिल कर रही है।

उन्होंने सरकार की नीतियों को “किसान व आमजन विरोधी” बताते हुए कहा कि यह सोच लुटेरी मानसिकता को दर्शाती है, जहां एक तरफ किसानों की जमीन कम दाम में ली जाती है और दूसरी ओर आमजन से संपत्ति खरीदने पर अधिक शुल्क वसूला जाता है।

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Author: Bharat Sarathi

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