चार बंदियों की रिहाई, व्यवस्थाओं का निरीक्षण और कानूनी सहायता की दी गई जानकारी
गुरुग्राम, 1 अप्रैल- हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष वाणी गोपाल शर्मा के दिशा-निर्देशानुसार जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, गुरुग्राम द्वारा जिला कारागार भोंडसी में जेल लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस पहल का उद्देश्य विचाराधीन बंदियों के मामलों का शीघ्र निपटारा कर उन्हें राहत प्रदान करना है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राकेश कादियान ने कारागार का निरीक्षण करते हुए बताया कि जेल लोक अदालत के माध्यम से बंदियों के लंबित मामलों को तेजी से निपटाया जा रहा है। इस दौरान चार विचाराधीन बंदियों को रिहा किया गया।
निरीक्षण के दौरान सचिव ने बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों, विधिक सहायता और अधिवक्ता की सुविधा के बारे में जानकारी दी। उन्होंने जेल में संचालित लीगल ऐड क्लिनिक का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि बंदी एक साधारण प्रार्थना-पत्र देकर निशुल्क अधिवक्ता की सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं।
सचिव ने जेल की विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए बंदियों की पारिवारिक मुलाकात, महिला बंदियों की समस्याएं, स्वास्थ्य सेवाएं, साक्षरता, खेलकूद, स्वच्छता, रहन-सहन और खान-पान से संबंधित व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने के निर्देश जेल प्रशासन को दिए।
उन्होंने यह भी बताया कि आपातकालीन राष्ट्रीय कानूनी सहायता हेल्पलाइन 15100 पर कॉल कर घर बैठे निशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त की जा सकती है।
इस अवसर पर जेल अधीक्षक विवेक चौधरी, उप अधीक्षक अनिल, पैनल अधिवक्ता नरेश, जेल स्टाफ तथा विधिक सेवा प्राधिकरण से जुड़े अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।








