राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन एवं जनभागीदारी बढ़ाने के दिए निर्देश
डॉ सिंधु ने कहा, आगामी पांच वर्षों की व्यापक स्वास्थ्य कार्ययोजना (हेल्थ एक्शन प्लान) तैयार की जाए

गुरुग्राम, 03 जुलाई। स्वास्थ्य सेवाएं हरियाणा के निदेशक डॉ. ब्रह्मदीप सिंधु ने गुरुवार को जिला प्रशिक्षण केंद्र, सेक्टर-31 में जिला स्वास्थ्य सेवाओं एवं विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की व्यापक समीक्षा की। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. लोकवीर सिंह, प्रधान चिकित्सा अधिकारी (पीएमओ) डॉ. नीना, डॉ. जयप्रकाश, डॉ. नीलिमा, डॉ. प्रदीप, डॉ. योगेंद्र, डॉ. रंजना, डॉ. अनुज गर्ग, डॉ. प्रिया शर्मा सहित जिले के सभी वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (एसएमओ) एवं कार्यक्रम प्रबंधक उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान निदेशक ने टीबी उन्मूलन कार्यक्रम, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके), राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस), गैर-संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम तथा एचआईवी सहित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।
डॉ. ब्रह्मदीप सिंधु ने निर्देश दिए कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों की छतों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि वर्षा के दौरान जलभराव न हो और मच्छरों के प्रजनन पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। उन्होंने श्रम विभाग से निर्माणाधीन स्थलों की सूची प्राप्त कर वहां विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाने तथा टीबी की जांच एवं स्क्रीनिंग अभियान चलाने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों, विशेषकर टीबी उन्मूलन अभियान में जनभागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि सभी टीबी रोगियों की शत-प्रतिशत जियो-टैगिंग सुनिश्चित की जाए तथा प्रत्येक रोगी की एचआईवी जांच की स्थिति भी स्पष्ट रूप से दर्ज हो। साथ ही उन्होंने टीबी मरीजों के सहयोग के लिए निक्षय मित्र नामांकन अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए।
बैठक में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की टीमों को अपनी दैनिक प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा जिले में मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (एमटीपी) अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नियमित छापेमारी अभियान चलाने तथा एमटीपी से संबंधित दवाओं की अवैध बिक्री पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए उन्होंने नगर निगम गुरुग्राम तथा मानेसर नगर निगम के बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने, शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में फॉगिंग कार्यों की नियमित समीक्षा करने तथा सभी फॉगिंग मशीनों को पूरी तरह कार्यशील रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगर निगमों के साथ समन्वय स्थापित कर वेक्टर जनित रोग नियंत्रण संबंधी नोटिस जारी होने के बावजूद नियमों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध चालान की कार्रवाई भी की जाए।
डॉ. ब्रह्मदीप सिंधु ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला गुरुग्राम के लिए आगामी पांच वर्षों की व्यापक स्वास्थ्य कार्ययोजना (हेल्थ एक्शन प्लान) तैयार की जाए, ताकि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाया जा सके।








