8.50 करोड़ रुपये की लागत से बने 3 एमएलडी एसटीपी का निरीक्षण, उपचारित जल के अधिकतम उपयोग पर जोर
डीएस ढेसी बोले— नगर निगम निर्धारित शुल्क पर सोसायटियों का सीवेज भी करेगा ट्रीट, पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा

मानेसर, 3 जुलाई। हरियाणा सरकार के शहरी विकास विभाग के प्रधान सलाहकार डीएस ढेसी ने शुक्रवार को नगर निगम मानेसर द्वारा गांव नखड़ौला में स्थापित 3 एमएलडी क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्लांट की कार्यप्रणाली, क्षमता और उपचारित जल के उपयोग की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान डीएस ढेसी ने कहा कि नगर निगम निर्धारित शुल्क लेकर आसपास की आवासीय सोसायटियों के सीवेज का भी इस एसटीपी में उपचार कर सकता है। इससे खुले क्षेत्रों में अवैध रूप से सीवेज छोड़ने की समस्या पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कई स्थानों पर सीवेज से भरे टैंकर चोरी-छिपे खुले क्षेत्रों में अपशिष्ट का निस्तारण कर देते हैं, जिससे पर्यावरण प्रदूषण बढ़ता है और स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित होती है। यदि इन सोसायटियों के सीवेज का उपचार नगर निगम के एसटीपी में किया जाए तो इस समस्या का स्थायी समाधान संभव है।

नगर निगम आयुक्त प्रदीप सिंह ने प्रधान सलाहकार को परियोजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि लगभग 8 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से निर्मित यह 3 एमएलडी क्षमता वाला एसटीपी करीब डेढ़ वर्ष में तैयार हुआ है। उन्होंने बताया कि एचएसवीपी की मास्टर सीवर लाइन से जुड़ी तकनीकी समस्याओं के कारण निगम क्षेत्र के कई गांवों में सीवेज निकासी प्रभावित हो रही थी। इसी समस्या के स्थायी समाधान के लिए गांव नखड़ौला और रामपुरा के सीवेज के उपचार हेतु इस आधुनिक एसटीपी का निर्माण कराया गया है।
आयुक्त ने बताया कि परियोजना के शुरू होने से दोनों गांवों की सीवेज निकासी व्यवस्था मजबूत होगी और राष्ट्रीय राजमार्ग-48 स्थित रामपुरा चौक पर बरसात के दौरान होने वाले जलभराव की समस्या से भी राहत मिलेगी। इसके अलावा उपचारित जल के उपयोग से गांव रामपुरा के जोहड़ का पुनर्जीवन और जीर्णोद्धार भी संभव हो सकेगा।
उन्होंने कहा कि नगर निगम भविष्य में उपचारित जल के अधिकतम उपयोग की दिशा में कार्य करेगा, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके। एसटीपी का संचालन निर्धारित मानकों और पूर्ण क्षमता के अनुरूप किया जाएगा।
इस अवसर पर नगर निगम के एक्सईएन मंदीप धनखड़, एसडीओ अनिल मलिक, जेई दीपेश तथा अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।








