बारिश व ओलावृष्टि से फसल बर्बाद, किसानों की कमर टूटी: पूनिया

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प्रति एकड़ 50 हजार रुपये मुआवजे की मांग, क्षतिपूर्ति पोर्टल खोलने की अपील

चंडीगढ़, 1 अप्रैल 2026। प्रदेश में हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों पर भारी मार डाली है। अखिल भारतीय किसान सभा हरियाणा ने दावा किया है कि गेहूं और सरसों की पकी फसल को व्यापक नुकसान पहुंचा है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति चरमरा गई है।

किसान सभा हरियाणा राज्य कमेटी के नेता सरबत सिंह पूनिया ने प्रेस बयान जारी कर बताया कि हिसार, दादरी, रेवाड़ी, भिवानी, फतेहाबाद और सिरसा समेत कई जिलों में आई तेज बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि पकी हुई सरसों और गेहूं की फसल का दाना झड़ गया है, जबकि तेज हवाओं के कारण कई जगहों पर फसल बिछ गई है, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों प्रभावित होंगे।

पूनिया ने कहा कि किसान पहले से ही खराब मौसम की मार झेल रहे हैं। लगातार फसल खराब होने के कारण उनकी आर्थिक कमर टूट चुकी है और वे कर्ज के बोझ तले दबते जा रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछली धान, बाजरा और कपास की फसलों को जलभराव से हुए नुकसान का मुआवजा अब तक किसानों को नहीं मिला है।

किसान सभा ने सरकार से मांग की है कि:

  • बर्बाद फसलों की तुरंत गिरदावरी करवाई जाए
  • क्षतिपूर्ति पोर्टल तत्काल प्रभाव से खोला जाए
  • किसानों को प्रति एकड़ 50 हजार रुपये मुआवजा दिया जाए
  • लंबित मुआवजे और फसल बीमा क्लेम का जल्द भुगतान सुनिश्चित किया जाए

किसान नेताओं का कहना है कि मौजूदा हालात में किसान इस नुकसान को सहन करने की स्थिति में नहीं हैं और सरकार को तत्काल राहत कदम उठाने चाहिए।

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Author: Bharat Sarathi

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