बैंकों के प्रदर्शन की समीक्षा, सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा
पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश

गुरुग्राम, 25 मार्च- एडीसी सोनू भट्ट की अध्यक्षता में लघु सचिवालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में जिला स्तरीय परामर्शदात्री (डीएलसीसी) एवं जिला स्तरीय समीक्षा कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला के जमा, अग्रिम एवं सरकारी योजनाओं के लक्ष्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही विभिन्न स्वरोजगार एवं उद्यमी योजनाओं के अंतर्गत ऋण आवेदनों की स्वीकृति एवं वितरण की बैंकवार समीक्षा की गई।
एडीसी सोनू भट्ट ने बैठक में बैंकों के ऋण-जमा अनुपात, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन, हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, हरियाणा महिला विकास निगम, केसीसी लोन, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, पीकेसीसी, पीएम स्वनिधि, पीएम मुद्रा योजना तथा मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के अंतर्गत बैंकों को भेजे गए आवेदनों की प्रगति की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 की तिमाही के दौरान विभिन्न सरकारी योजनाओं के अंतर्गत बैंकों को ऋण हेतु प्रस्तुत आवेदनों की बैंकवार समीक्षा की गई। इस अवसर पर एडीसी ने कहा कि सरकारी योजनाओं की सफलता में बैंकों की अहम भूमिका होती है, इसलिए योजनाओं के लिए पर्याप्त वित्त उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने लंबित आवेदनों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि लाभार्थी समय पर अपनी आर्थिक गतिविधियां प्रारंभ कर सकें।
एडीसी सोनू भट्ट ने निर्देश दिए कि अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों को योजनाओं से जोड़ने के लिए बैंकों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि विभागीय व बैंक अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं।
उन्होंने कहा कि बैंकों की योजनाओं की जानकारी समाज के अंतिम नागरिक तक पहुँचे, इसके लिए सभी को प्रयास करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि एवं व्यापार के लिए अधिकाधिक ऋण वितरण करना होगा। उन्होंने बैंकों में सरकार की प्रायोजित योजनाओं में लंबित आवेदन पत्रों का त्वरित निस्तारण कर पात्र लोगो को लाभांवित करने के भी निर्देश दिए। समीक्षा के क्रम में उन्होंने कमजोर प्रदर्शन वाले बैंकों के प्रति सख्ती बरतते हुए नियमों के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) विनोद बजाज ने सभी बैंकों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 के दिसंबर माह के अंत तक जिला में विभिन्न बैंकों द्वारा अपनी 50 नई शाखाएं खोली गई हैं। अब जिला में विभिन्न बैंकों की कुल 987 शाखाएं अपनी सेवाएं दे रही हैं। जिले में कुल जमा राशि 3,26,780 करोड़ रुपये से बढ़कर 3,89,127 करोड़ रुपये हो गई, जो 19.08 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि को दर्शाता है। वहीं कुल ऋण (एडवांस) 2,70,585 करोड़ रुपये से बढ़कर 3,47,725 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जिसमें 28.51 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई।
प्राथमिकता क्षेत्र में भी शानदार प्रदर्शन देखने को मिला है। यह 40,643 करोड़ रुपये से बढ़कर 55,404 करोड़ रुपये हो गया, जो 36.76 प्रतिशत की वृद्धि है। विशेष रूप से एमएसएमई क्षेत्र में 33.85 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो स्थानीय उद्योगों और रोजगार को मजबूती देने का संकेत है। अन्य प्राथमिकता क्षेत्र में भी तेजी से वृद्धि दर्ज की गई। जिले का सीडी रेशियो 89.36 प्रतिशत रहा, जो राष्ट्रीय लक्ष्य 60 प्रतिशत से काफी अधिक है।
बैठक में नाबार्ड से क्लस्टर हेड विनय कुमार त्रिपाठी, केनरा बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक सी.एस. तोमर सहित सरकारी एवं गैर-सरकारी बैंकों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।









