गुरुग्राम। संयुक्त किसान मोर्चा, गुरुग्राम के अध्यक्ष एवं जिला बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान चौधरी संतोख सिंह ने प्रदेश में चरमराई सफाई व्यवस्था और सफाई कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विज्ञापनों में “स्वच्छता अभियान” के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन धरातल पर गुरुग्राम सहित पूरे हरियाणा में कूड़े के पहाड़ खड़े हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले कई दिनों से प्रदेशभर के सफाई कर्मचारी अपनी जायज मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। शहरों और कस्बों में हजारों टन कचरा जमा हो गया है, सड़कों और गलियों में गंदगी फैली हुई है और आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद सरकार समाधान निकालने के बजाय कर्मचारियों की आवाज दबाने में लगी हुई है।
चौधरी संतोख सिंह ने कहा कि यह केवल सफाई व्यवस्था की विफलता नहीं, बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ है। बरसात का मौसम नजदीक है और कचरे के ढेरों के कारण संक्रमण तथा खतरनाक बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार ने स्वयं सफाई कर्मचारियों को पक्की नौकरी, भत्तों और अन्य सुविधाओं का आश्वासन दिया था, तो अब उन वादों से पीछे क्यों हट रही है। कर्मचारियों को उनका अधिकार देने के बजाय उन्हें लगातार अनिश्चितता और ठेका प्रथा के सहारे असुरक्षित जीवन जीने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जो सफाई कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर शहरों को स्वच्छ रखने का कार्य करते हैं, उन्हें स्थायी रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन मिलना चाहिए। उनकी मांगें पूरी तरह न्यायसंगत और जनहित से जुड़ी हुई हैं।
चौधरी संतोख सिंह ने कहा कि आज पूरे हरियाणा में सफाई व्यवस्था चरमरा चुकी है और आम जनता इस संकट का सामना कर रही है। यह केवल कर्मचारियों का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के स्वास्थ्य, स्वच्छता और सम्मान का सवाल है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि वह अहंकार और हठधर्मिता छोड़कर तुरंत सफाई कर्मचारियों से बातचीत करे, उनकी जायज मांगों को स्वीकार करे।








