नगर निगम फरीदाबाद के 200 करोड़ घोटाले पर नीरज शर्मा का भाजपा पर बड़ा हमला

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बोले- “भ्रष्टाचारियों को संरक्षण देने वाले नेता जनता को गुमराह करना बंद करें, सीबीआई जांच की हिम्मत दिखाएं”

फरीदाबाद,13 मई, 2026 – नीरज शर्मा ने नगर निगम फरीदाबाद में कथित 200 करोड़ रुपये के घोटाले को लेकर भाजपा नेताओं और सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने भाजपा नेताओं द्वारा दिशा बैठक में अधिकारियों के खिलाफ दिए गए बयानों को “राजनीतिक नौटंकी” करार देते हुए कहा कि जिन नेताओं की नाक के नीचे नगर निगम में बड़ा भ्रष्टाचार हुआ, वे आज भ्रष्टाचार के खिलाफ बयानबाजी कर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।

पूर्व विधायक ने सवाल उठाया कि जब नगर निगम में करोड़ों रुपये के घोटाले हो रहे थे, तब सत्ता में बैठे मंत्री और विधायक चुप क्यों थे। उन्होंने कहा कि “आज अधिकारियों को कोसने वाले उस समय कहां छिपे थे, जब जनता के पैसे की खुली लूट हो रही थी? क्या तब उनकी जुबान पर भ्रष्टाचार का फेविकोल लगा हुआ था?”

नीरज शर्मा ने दावा किया कि जब वे भ्रष्टाचार के खिलाफ सड़कों पर संघर्ष कर रहे थे, तब सत्ता पक्ष के नेताओं ने उनके आंदोलन को नौटंकी बताया। अब वही लोग कैमरों के सामने अधिकारियों को कोसकर खुद को ईमानदार साबित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम की “मलाई” से जुड़े लोगों ने विदेश यात्राएं कीं और जनता की गाढ़ी कमाई को ऐशो-आराम में उड़ाया गया।

उन्होंने भाजपा नेताओं को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनमें नैतिक साहस बचा है तो वे शपथ पत्र देकर बताएं कि उनकी “ट्रिपल इंजन सरकार” इस कथित लूट में शामिल नहीं थी। शर्मा ने आरोप लगाया कि जेल जा चुके अधिकारियों के साथ नेताओं की नजदीकियां किसी से छिपी नहीं हैं और ईमानदार अधिकारियों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

पूर्व विधायक ने कई गंभीर मुद्दे उठाते हुए पूछा कि प्याली चौक से अनाज गोदाम तक रेलवे पटरी चोरी होने, हार्डवेयर चौक से बनने वाली पेरीफेरी रोड के स्पेसिफिकेशन बदलने तथा बिना हस्ताक्षर करोड़ों रुपये के चेक पास होने जैसे मामलों में आखिर किसे संरक्षण मिला। उन्होंने मांग की कि पूरे प्रकरण की जांच सीबीआई या ईडी से कराई जाए ताकि भ्रष्टाचार की परतें खुल सकें।

नीरज शर्मा ने चेतावनी देते हुए कहा कि सत्ता के मोह में “धृतराष्ट्र” बने नेताओं को आने वाले समय में जनता की अदालत में हर पैसे का हिसाब देना पड़ेगा।

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Author: Bharat Sarathi

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