देश का नाम रोशन करने वाली खिलाड़ी के साथ नहीं होना चाहिए अन्याय- हुड्डा
चंडीगढ़, 12 मई । पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने विनेश फोगाट के मामले में केंद्रीय खेल मंत्री से तुरंत हस्तक्षेप की मांग करी है। हुड्डा ने कहा कि एक ओलंपियन खिलाड़ी द्वारा लगाए जा रहे आरोप बेहद गंभीर हैं। विनेश फोगाट ने कई मौकों पर देश का मान बढ़ाया है। ऐसे में केंद्र सरकार और खेल संस्थाओं की जिम्मेदारी बनती है कि उनके सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ न हो।
उन्होंने कहा कि अगर विनेश फोगाट मेरिट के आधार पर खेल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना चाहती हैं, एशियन गेम्स या अन्य अंतरराष्ट्रीय इवेंट्स में भागीदारी करना चाहती हैं, तो उन्हें निश्चित रूप से मौका मिलना चाहिए। लेकिन गोंडा में उन्हें न तो प्रतियोगिता में भाग लेने दिया गया और न ही ट्रेनिंग हॉल का उपयोग करने की अनुमति दी गई।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आगे कहा कि भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) की कार्यप्रणाली कई बार सवालों के घेरे में रही है। इसलिए जरूरी है कि स्वयं केंद्रीय खेल मंत्री पूरे मामले का संज्ञान लें और हस्तक्षेप करें, ताकि किसी भी खिलाड़ी का हक न मारा जाए।
उन्होंने कहा, “हमारे देश में मुट्ठी भर ही ऐसे खिलाड़ी हैं जो ओलंपिक तक का सफर तय करते हैं और पदक जीतने की क्षमता रखते हैं। विनेश उन्हीं में से एक पहलवान हैं। पेरिस ओलंपिक में भी विनेश फोगाट स्वर्ण पदक की स्थिति में पहुंच गई थीं, लेकिन आखिरी क्षण में किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया। तमाम मैच जीतने के बावजूद वो पदक से वंचित रह गईं।”
हुड्डा ने जोर देकर कहा कि अगर विनेश अपनी मेहनत से कमबैक करना चाहती हैं और देश के लिए पदक लाना चाहती हैं, तो खेल संस्थाओं को उनके साथ भेदभाव करने के बजाय, पूरा सहयोग करना चाहिए।








