डीसी अजय कुमार के दिशा-निर्देश पर एलपीजी सिलेंडर की कालाबाजारी और अवैध उपयोग के खिलाफ प्रशासन की सख्त कार्रवाई जारी
पिछले 6 दिनों में उपभोक्ताओं को 1 लाख 17 हजार 993 घरेलू सिलेंडरों की डिलीवरी
गुरुग्राम, 25 मार्च। जिले में एलपीजी गैस आपूर्ति को लेकर स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और कहीं भी किसी प्रकार की कमी नहीं है। जिला प्रशासन द्वारा आपूर्ति व्यवस्था की निरंतर निगरानी की जा रही है, ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। प्रशासन ने आमजन से आह्वान किया है कि घरेलू गैस को लेकर किसी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और नागरिक पैनिक न करें।
जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के सप्लाई ब्रांच के इंस्पेक्टर राकेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि डीसी अजय कुमार के दिशा-निर्देशों के तहत जिले में एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी, जमाखोरी और अवैध उपयोग के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। विभागीय टीमों द्वारा नियमित रूप से छापेमारी की जा रही है और अनियमितता पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
उन्होंने बताया कि जिले में तेल विपणन कंपनियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत रखा गया है। पिछले 6 दिनों के दौरान ऑयल मार्केटिंग कंपनियों द्वारा 14.2 किलोग्राम के कुल 1 लाख 17 हजार 993 घरेलू गैस सिलेंडरों की सफलतापूर्वक डिलीवरी उपभोक्ताओं तक पहुंचाई गई है। इसके अतिरिक्त इसी अवधि में 1757 कमर्शियल गैस सिलेंडरों की भी आपूर्ति की गई है, जिससे व्यावसायिक गतिविधियों पर भी कोई असर नहीं पड़ा है।
राकेश कुमार ने बताया कि वर्तमान में जिले में घरेलू एलपीजी गैस की आपूर्ति पूरी तरह सुचारू रूप से चल रही है। प्रमुख तेल कंपनियां—इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल)—के पास पर्याप्त मात्रा में गैस का स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि जिले में दैनिक खपत की तुलना में लगभग 11 हजार घरेलू गैस सिलेंडरों का अतिरिक्त स्टॉक उपलब्ध है, जो आपूर्ति को और अधिक स्थिर बनाए हुए है।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि गैस सिलेंडर केवल अधिकृत एजेंसियों से ही प्राप्त करें और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या अवैध गतिविधि की जानकारी तुरंत संबंधित विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।








