“समय पर निर्णय और बयान न देने की बीमारी से जूझ रही कांग्रेस, हरियाणा में बना मज़ाक”
रेवाडी, 20 मार्च 2026। स्वयंसेवी संस्था ‘ग्रामीण भारत’ के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी की सबसे बड़ी कमजोरी उसका समय पर निर्णय न लेना और समय रहते प्रतिक्रिया न देना है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस हर बार मौके चूकने के बाद ही प्रतिक्रिया देती है, जिससे उसकी साख को लगातार नुकसान पहुंच रहा है।
विद्रोही ने हरियाणा राज्यसभा चुनाव में हुई क्रॉस वोटिंग को इसका ताजा उदाहरण बताते हुए कहा कि यह सर्वविदित है कि राज्यसभा चुनाव में हर विधायक को अपना मत डालने से पहले पार्टी के अधिकृत चुनाव एजेंट को अपना मतपत्र दिखाना कानूनी रूप से अनिवार्य होता है। ऐसे में 16 मार्च को ही यह स्पष्ट हो गया था कि किन कांग्रेसी विधायकों ने पार्टी उम्मीदवार के बजाय भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी को वोट दिया।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब कांग्रेस नेतृत्व को उसी दिन क्रॉस वोटिंग की जानकारी मिल गई थी, तो दो दिन तक दोषी विधायकों के नाम सार्वजनिक क्यों नहीं किए गए? विद्रोही ने कहा कि कांग्रेस के चुनाव एजेंट बी.के. हरिप्रसाद और वरिष्ठ नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा को यह जानकारी तत्काल मिल गई थी, फिर भी नाम उजागर करने में देरी क्यों की गई।
विद्रोही ने ओडिशा का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी 16 मार्च को ही कांग्रेस के तीन विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की थी, लेकिन ओडिशा कांग्रेस ने मतदान समाप्त होने से पहले ही संबंधित विधायकों के नाम सार्वजनिक कर दिए। इससे कोई भी विधायक अपने बचाव में झूठ बोलने की स्थिति में नहीं रहा।
इसके विपरीत, हरियाणा में जहां यह कार्रवाई 16 मार्च की शाम तक हो जानी चाहिए थी, वहां कांग्रेस प्रभारी ने दो दिन बाद केवल चार विधायकों के नाम उजागर किए, जबकि क्रॉस वोटिंग पांच विधायकों द्वारा किए जाने की बात सामने आई। ऐसे में एक विधायक का नाम छिपाए जाने पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
विद्रोही ने आरोप लगाया कि समय पर नाम उजागर न करने के कारण ही क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायक न केवल पार्टी के साथ कथित “सौदेबाजी” कर गए, बल्कि बाद में मीडिया में बयान देकर खुद को निर्दोष भी साबित करने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने सवाल किया कि आखिर इन विधायकों को यह अवसर किसने और क्यों दिया? यदि 16 मार्च को ही नाम सार्वजनिक कर दिए जाते, तो स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती।
अंत में विद्रोही ने कहा कि कांग्रेस का ढुलमुल, टालमटोल और तथ्यों को छिपाने वाला रवैया ही उसे हरियाणा में हास्य का विषय बना रहा है। पार्टी के नेता मनमाने बयान देकर संगठन की छवि को और अधिक नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे कांग्रेस की विश्वसनीयता लगातार गिर रही है।








