हरियाणा के खिलाड़ियों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं: सैलजा

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केंद्र सरकार जिम्मेदारी से नहीं बच सकती -हरियाणा देश का ऐसा प्रदेश है, जिसने ओलंपिक में लगभग 33 प्रतिशत पदक देश को दिलाए हैं

चंडीगढ़, 20 मार्च। लोकसभा में हरियाणा के खेल मैदानों की खराब स्थिति को लेकर केंद्र सरकार द्वारा दिए गए जवाब पर कड़ी आपत्ति जताते हुए सिरसा की सांसद, पूर्व कैबिनेट मंत्री व कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव कुमारी सैलजा ने कहा है कि केंद्र सरकार का यह रवैया अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और आपत्तिजनक है। मीडिया को जारी एक बयान में उन्होंने कहा कि हरियाणा देश का ऐसा प्रदेश है, जिसने ओलंपिक में लगभग 33 प्रतिशत पदक देश को दिलाए हैं, लेकिन विडंबना यह है कि उसी प्रदेश में खेल सुविधाओं के नाम पर केंद्र सरकार पल्ला झाड़ती नजर आ रही है।

कुमारी सैलजा ने कहा कि खेल मंत्री द्वारा दिया गया उत्तर जिम्मेदारी से बचने वाला है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि हरियाणा जैसे खेल प्रतिभाओं से भरपूर राज्य में न तो केंद्र सरकार और न ही राज्य सरकार खेल मैदानों के सुधार के लिए कोई ठोस और कारगर कदम उठा रही है। उन्होंने रोहतक की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि जर्जर खेल मैदानों के कारण खिलाड़ियों की जान तक चली गई, जो अत्यंत दुखद और चिंताजनक है। यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि खिलाड़ियों के भविष्य और जीवन के साथ खिलवाड़ है।

कुमारी सैलजा ने मांग की कि हरियाणा के सभी खेल मैदानों की तत्काल समीक्षा कर उन्हें दुरुस्त किया जाए तथा खिलाड़ियों को सुरक्षित और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि खेल केवल राज्य का विषय बताकर केंद्र सरकार अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकती। उन्होंने लोकसभा में खेल मंत्री द्वारा दिए गए उत्तर पर गहरा असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि यदि समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो यह देश की खेल प्रतिभाओं के साथ अन्याय होगा।

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Author: Bharat Sarathi

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