नई सड़क बनी, दो महीने में ही तोड़ी — जैकबपुरा में तालमेल के काम पर बवाल
सड़क बनाने के बाद याद आई पानी की लाइन, जनता के पैसे की बर्बादी पर उठे सवाल
बार-बार सड़क खोदने से लोगों में रोष, मकानों की नींव कमजोर होने का खतरा
MCG की कार्यप्रणाली पर सवाल: सड़क बनी और फिर खुदाई शुरू
जैकबपुरा में विकास या अव्यवस्था? नई सड़क तोड़ने पर लोगों ने मांगा जवाब
सड़क बनाने के बाद याद आई पानी की लाइन, जनता के पैसे की बर्बादी पर उठे सवाल
नई सड़क बनी, फिर तोड़ी गई — जैकबपुरा में बिना तालमेल के काम से लोगों में रोष
(पानी की लाइन डालने के नाम पर दो महीने पहले बनी सड़क दोबारा खोदी, जनता के पैसे बर्बाद करने के आरोप)

गुरुग्राम: हरियाणा की आर्थिक राजधानी गुरुग्राम में विकास कार्यों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। मामला गुरुग्राम के सैनी मोहल्ला, जैकबपुरा का है, जहाँ करीब दो महीने पहले बनी नई सड़क को अब पानी की लाइन और सबमर्सिबल कनेक्शन के नाम पर दोबारा तोड़ा जा रहा है। इसको लेकर स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने नाराजगी जताई है और इसे बिना प्लानिंग के किया जा रहा काम बताया है।
शिवसेना के राज्य संगठन मंत्री एवं जिला प्रभारी गुरुग्राम संजय ठकराल ने कहा कि इलाके के लोग काफी परेशान हैं। दो महीने पहले ही सड़क का निर्माण कराया गया था और अब उसे फिर से खोदा जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों के नलों में पानी नहीं आ रहा, और अगर आता भी है तो गंदा पानी आता है। ऐसे में नई सड़क को तोड़ना सीधे-सीधे जनता के पैसे की बर्बादी है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर इस काम के लिए जिम्मेदार कौन है और पार्षदों को पहले से योजना क्यों नहीं थी।
शिवसेना जिला अध्यक्ष राकेश सेहरावत ने कहा कि बार-बार सड़क खोदने से मकानों के आसपास बड़े गड्ढे हो रहे हैं, जिससे मकानों की नींव भी कमजोर हो रही है। उन्होंने कहा कि पहले सड़क बनाने के लिए खुदाई की गई और अब पानी की सप्लाई के लिए फिर से सड़क खोदी जा रही है। इससे साफ है कि नगर निगम गुरुग्राम (MCG) के विभागों के बीच किसी प्रकार का तालमेल नहीं है। उन्होंने मांग की कि जल्द से जल्द लोगों की समस्याओं का समाधान किया जाए।

वहीं गुरुग्राम के समाजसेवी इंजीनियर गुरिंदरजीत सिंह ने कहा कि ये सैनी मोहल्ला जैकबपुरा के हाल कराची के मुख्यमंत्री वी गुरुग्राम कष्ट निवारण समिति के अध्यक्ष श्री नायक सिंह सैनी को देखने चाहिए। यहाँ पहले सड़क बनाई जाती है, फिर उसे तोड़ दिया जाता है और फिर दोबारा बनाने का काम शुरू हो जाता है। इस तरह बार-बार सड़क तोड़कर जनता के पैसे की बर्बादी की जा रही है। उन्होंने कहा कि अगर सबमर्सिबल और पानी की लाइन डालनी थी तो यह कार्य सड़क निर्माण से पहले किया जाना चाहिए था।उन्होंने यह भी कहा कि सड़क बनने के बाद भी बारिश के पानी की निकासी का कोई प्रबंध नहीं किया गया है, जिससे आने वाले समय में यह सड़क पानी से भर सकती है। इसके अलावा मौके पर कोई प्रोजेक्ट सूचना बोर्ड भी नहीं लगाया गया है, जिससे यह पता चल सके कि कार्य का ठेकेदार कौन है, बजट कितना है और काम कब तक पूरा होना है।
गुरिंदरजीत सिंह ने कहा कि यह सड़क दो वार्डों की सीमा पर आती है, जहाँ एक तरफ पार्षद आशीष गुप्ता और दूसरी तरफ पार्षद दिलीप साहनी का क्षेत्र है। दोनों वार्डों में तालमेल की कमी के कारण बिना योजना के काम शुरू कर दिया गया, जिससे आम जनता को परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले सबमर्सिबल के लिए किए गए गड्ढों में बच्चे गिर गए थे। मीडिया में खबर आने के बाद उन्हें भरा गया, लेकिन अब फिर से नए गड्ढे कर दिए गए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़कों को बनते ही तोड़ा जा रहा है, जिससे लोगों को आवाजाही में दिक्कत हो रही है। लोगों ने आरोप लगाया कि एमसीजी के सड़क निर्माण और वॉटर-सीवरेज विभाग के बीच तालमेल की कमी या फिर अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत के कारण ऐसे काम हो रहे हैं। लोगों ने जिम्मेदार पार्षद, एक्सईएन, एसडीओ और जेई की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
इस मामले में मीडिया द्वारा पार्षद आशीष गुप्ता से बात की गई तो उन्होंने कहा कि यह कार्य चार-पाँच दिनों में पूरा कर दिया जाएगा। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि पानी की लाइन और सबमर्सिबल का काम सड़क बनने से पहले क्यों नहीं किया गया।
इस मौके पर संजय ठकराल, राकेश सेहरावत, इंजीनियर गुरिंदरजीत सिंह (अर्जुन नगर), मनोज कुमार, कीर्ति सिंह, त्रिलोक सेहरावत, विकास चोपड़ा सहित कई स्थानीय लोग मौजूद रहे।








