टीबी उन्मूलन की दिशा में वानप्रस्थ की अनुकरणीय पहल

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44 महीनों से निरंतर 50 मरीजों को दिया जा रहा पौष्टिक आहार

हिसार। वानप्रस्थ सीनियर सिटीजन क्लब द्वारा टीबी उन्मूलन अभियान के तहत समाज सेवा की एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की जा रही है। क्लब की ओर से शिव कॉलोनी धर्मशाला में झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्र में रहने वाले 50 टीबी रोगियों को प्रोटीन युक्त पौष्टिक आहार किट की 44वीं किस्त वितरित की गई।

क्लब की उपसचिव श्रीमती सुनीता बहल ने बताया कि यह सेवा अभियान प्रधानमंत्री निक्षय मित्र योजना के अंतर्गत अगस्त 2022 से निरंतर चल रहा है। हर माह वितरित की जाने वाली आहार किट में दो डिब्बे प्रोटीन पाउडर, एक किलो गुड़, एक किलो काला चना, एक किलो बेसन, दो पैकेट न्यूट्रेला और हाथ धोने के लिए दो साबुन शामिल किए जाते हैं।

उन्होंने कहा कि वानप्रस्थ संस्था पिछले 44 महीनों से टीबी रोगियों और वंचित वर्ग की निःस्वार्थ सेवा कर रही है। यह अभियान समाज में सेवा, समर्पण और संवेदनशीलता की भावना को मजबूत करने का कार्य कर रहा है।

इस अवसर पर टीबी अस्पताल से आए वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक ओ.पी. वर्मा ने रोगियों को संबोधित करते हुए कहा कि टीबी एक संक्रामक रोग है, इसलिए मरीजों और उनके परिवारजनों को नियमित जांच करानी चाहिए तथा दवा का पूरा कोर्स करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पौष्टिक आहार से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, जिससे मरीज जल्दी स्वस्थ हो सकते हैं।

कार्यक्रम के दौरान क्लब के पदाधिकारी डॉ. एस.एम. बहल, श्रीमती सुनीता बहल, डॉ. इब्बू गहलावत, डॉ. सुरेंद्र गहलावत, श्रीमती रमा मुंजाल, डॉ. सुनीता सुनेजा, श्रीमती वीना अग्रवाल और श्रीमती श्यामा गोसाईं ने रोगियों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली तथा उन्हें नियमित दवा और पौष्टिक भोजन लेने के लिए प्रेरित किया।

नए रोगियों में शिव प्रकाश (55), संदीप (43) और अजीत सिंह (25) शामिल हैं, जिनमें फेफड़ों की टीबी पाई गई है।

टीबी चैंपियन नवदीप गिल और सुदर्शन ने टीबी से स्वस्थ होने के बाद अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि समय पर दवा और पौष्टिक आहार से वे पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं। उन्होंने मरीजों को नियमित उपचार और वानप्रस्थ द्वारा दी जा रही खुराक लेने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में आशा वर्कर्स—श्रीमती बालकेश, अंजू, बंटी, अनिता, कैलाश, सुनीता और सुदर्शन ने भी सक्रिय सहयोग दिया।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

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