नग्न वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, महिला सहित तीन आरोपी गिरफ्तार

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सोशल मीडिया पर हुई पहचान, ब्लड सैंपल लेने पहुंचे युवक को जाल में फंसाकर बनाई अश्लील वीडियो; 1.63 लाख रुपये, स्कॉर्पियो और चार मोबाइल बरामद

गुरुग्राम, 11 मार्च। गुरुग्राम पुलिस ने नग्न वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर पैसे ऐंठने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1 लाख 63 हजार रुपये नकद, वारदात में इस्तेमाल की गई एक स्कॉर्पियो गाड़ी और चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

पुलिस के अनुसार सेक्टर-83 स्थित एक लैब में कार्यरत युवक ने थाना सेक्टर-37 में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि 25 फरवरी को वह मोहम्मदपुर स्थित AVL-36 सोसायटी में ज्योति नामक महिला का ब्लड सैंपल लेने गया था। उसी दौरान महिला ने रिपोर्ट के बहाने उसका मोबाइल नंबर ले लिया और बाद में दोनों के बीच बातचीत शुरू हो गई।

शिकायतकर्ता के अनुसार 2 मार्च को वह दोबारा महिला का ब्लड सैंपल लेने उसके फ्लैट पर गया। कुछ देर बाद महिला ने फ्लैट का दरवाजा खुला छोड़ दिया, तभी वहां दो युवक पहुंचे और उसके साथ मारपीट कर उसके कपड़े उतरवा कर नग्न वीडियो बना ली। इसके बाद आरोपियों ने वीडियो वायरल करने और झूठे दुष्कर्म के मामले में फंसाने की धमकी देकर उससे ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करवा लिए।

पीड़ित ने आरोप लगाया कि आरोपी उसे जबरन स्कॉर्पियो गाड़ी में बैठाकर ले गए और लगातार डराते हुए उससे और पैसे की मांग करते रहे। आरोपियों ने उससे पांच लाख रुपये और देने का दबाव भी बनाया तथा बाद में फोन कर लगातार पैसे मांगते रहे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना सेक्टर-37 पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 7 मार्च को दो आरोपियों हरीश यादव उर्फ मोनू निवासी काहनावास (अलवर, राजस्थान) और श्याम सुंदर उर्फ अशोक निवासी खैरोली (महेंद्रगढ़) को सती चौक, गुरुग्राम से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद 8 मार्च को महिला आरोपी ज्योति निवासी ताजनगर, गुरुग्राम को भी गिरफ्तार किया गया। तीनों आरोपियों की उम्र करीब 24 वर्ष बताई गई है।

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि तीनों की पहचान इंस्टाग्राम के माध्यम से हुई थी। इसके बाद जल्दी पैसे कमाने के लालच में इन्होंने मिलकर लोगों को फंसाकर ब्लैकमेल करने की साजिश रची और इस वारदात को अंजाम दिया।

पुलिस ने तीनों आरोपियों को अदालत में पेश कर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया था। रिमांड के दौरान उनसे 1.63 लाख रुपये, एक स्कॉर्पियो गाड़ी और चार मोबाइल फोन बरामद किए गए। रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

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Author: Bharat Sarathi

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