घरेलू गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाना आमजन पर महंगाई का बोझ : वेदप्रकाश विद्रोही

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केंद्र सरकार पर पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए आम जनता की जेब काटने का आरोप

चंडीगढ़/रेवाडी, 7 मार्च 2026। स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने केंद्र सरकार द्वारा घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में 60 रुपये तथा कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में 115 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इसे आम जनता पर महंगाई का अनावश्यक बोझ बताते हुए सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए।

वेदप्रकाश विद्रोही ने कहा कि केंद्र की मोदी-भाजपा-संघ सरकार गैस, पेट्रोल और डीजल के नाम पर पिछले 11 वर्षों से आम जनता की जेब काट रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता से वसूला गया अधिकांश पैसा पूंजीपति मित्रों के कर्ज कम करने और उन्हें अन्य प्रकार की राहत देने में खर्च किया जा रहा है।

विद्रोही ने कहा कि देश के लोकतांत्रिक इतिहास में यह ऐसी सरकार है जो कहने को जनता के वोट से चुनी गई है, लेकिन इसके अधिकतर फैसले आमजन के हितों के विपरीत और पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने वाले साबित हो रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकार की आर्थिक नीतियां आम लोगों के बजाय बड़े पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए बनाई जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में जब भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस के दाम बढ़े हैं, तब-तब सरकार ने तुरंत पेट्रोल-डीजल और गैस के दाम बढ़ा दिए। लेकिन जब विश्व बाजार में कीमतें घटीं, तब उपभोक्ताओं को राहत देने के बजाय कीमतें यथावत रखकर जनता से दोहरी वसूली की गई।

विद्रोही ने घरेलू गैस सिलेंडर पर दी जा रही सब्सिडी को भी मजाक बताते हुए कहा कि सब्सिडी के नाम पर प्रति सिलेंडर मात्र 7 से 8 रुपये देना उपभोक्ताओं के साथ क्रूर मजाक है। उन्होंने कहा कि महंगाई से पहले ही परेशान आमजन के लिए अब घरेलू रसोई गैस का दाम 60 रुपये बढ़कर 859 रुपये से 919 रुपये हो गया है, जबकि कमर्शियल सिलेंडर के दाम में भी 115 रुपये की बढ़ोतरी की गई है।

उन्होंने कहा कि यह फैसला आम जनता की खुली लूट के समान है और सत्ता के बल पर आमजन की जेब पर डाका डालने जैसा है।

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Author: Bharat Sarathi

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