भाजपा-कांग्रेस उम्मीदवारों के बाद सतीश नांदल ने निर्दलीय के रूप में भरा नामांकन

चंडीगढ़, 5 मार्च। हरियाणा से अगले महीने रिक्त होने जा रही राज्यसभा की दो सीटों के लिए राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा कराए जा रहे द्विवार्षिक चुनाव के तहत गुरुवार 5 मार्च को नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि थी।
भारतीय जनता पार्टी ने करनाल से पूर्व सांसद संजय भाटिया को अपना उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने अनुसूचित जाति वर्ग से जुड़े और हरियाणा सिविल सचिवालय से ग्रुप-बी प्रशासनिक अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त कर्मवीर सिंह बौद्ध को प्रत्याशी घोषित किया है। दोनों नेताओं ने गुरुवार को राज्यसभा चुनाव के लिए विशेष रूप से नियुक्त रिटर्निंग ऑफिसर और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल के समक्ष अपना नामांकन दाखिल कर दिया।

इसी बीच भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश नांदल ने भी निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन दाखिल कर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। नामांकन पत्रों की जांच 6 मार्च को होगी, जबकि उम्मीदवारी वापस लेने की अंतिम तिथि 9 मार्च निर्धारित की गई है। यदि आवश्यकता पड़ी तो मतदान 16 मार्च को कराया जाएगा।
यदि भाजपा और कांग्रेस के केवल एक-एक उम्मीदवार ही मैदान में रहते, तो दोनों का निर्विरोध चुना जाना तय माना जा रहा था। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 53(2) के अनुसार यदि किसी चुनाव में उम्मीदवारों की संख्या रिक्त सीटों के बराबर हो और सभी नामांकन वैध पाए जाएं, तो रिटर्निंग अधिकारी उन्हें बिना मतदान के ही निर्वाचित घोषित कर देता है। ऐसी स्थिति में मतदान की आवश्यकता नहीं रहती और नाम वापसी की अंतिम तिथि के बाद ही निर्वाचित होने का प्रमाण-पत्र जारी कर दिया जाता है।
हालांकि सतीश नांदल के निर्दलीय तौर पर मैदान में उतरने से अब चुनाव होने की संभावना बन गई है। यदि 6 मार्च को जांच के दौरान उनका नामांकन वैध पाया जाता है और वे 9 मार्च तक नाम वापस नहीं लेते, तो 16 मार्च को मतदान होना तय है। ऐसी स्थिति में राजनीतिक हलकों में क्रॉस-वोटिंग की संभावना को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।
हरियाणा विधानसभा की 90 सदस्यीय संरचना के आधार पर राज्यसभा चुनाव में किसी उम्मीदवार की जीत के लिए 31 विधायकों के प्रथम वरीयता मत आवश्यक होते हैं। वर्तमान में भाजपा के पास 48 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के पास 37 विधायक हैं। इसके अलावा तीन निर्दलीय विधायक भाजपा का समर्थन कर रहे हैं और दो विधायक इनेलो के हैं। ऐसे में संख्याबल के आधार पर दोनों प्रमुख दलों के एक-एक उम्मीदवार के जीतने की संभावना दिखाई देती है, लेकिन चुनाव की स्थिति बनने पर अगले कुछ दिनों में राजनीतिक समीकरण बदलने की भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
हरियाणा से राज्यसभा की मौजूदा पांच सीटों में से चार पर भाजपा और एक पर निर्दलीय सांसद हैं। भाजपा के सांसद रामचंद्र जांगड़ा और किरण चौधरी का कार्यकाल 9 अप्रैल 2026 को समाप्त हो रहा है, जिनकी जगह इन दो सीटों के लिए चुनाव कराया जा रहा है।
इस चुनाव में विजयी होने वाले नए सांसदों का कार्यकाल 10 अप्रैल 2026 से 9 अप्रैल 2032 तक रहेगा।







