नगर निकाय चुनाव: कांग्रेस के लिए ‘अग्निपरीक्षा’, भाजपा को घेरने का सुनहरा मौका

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वेदप्रकाश विद्रोही बोले—शहरी मतदाताओं का मिजाज तय करेगा सियासी भविष्य, पंचकूला से अहीरवाल तक सीधा मुकाबला

रेवाड़ी, 26 अप्रैल 2026: स्वयंसेवी संस्था ‘ग्रामीण भारत’ के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने कहा है कि हरियाणा में होने वाले नगर निकाय चुनाव कांग्रेस के लिए भाजपा को कड़ी चुनौती देने का महत्वपूर्ण अवसर हैं। उन्होंने कहा कि पंचकूला, अंबाला, सोनीपत नगर निगम, रेवाड़ी नगर परिषद तथा धारूहेड़ा व सांपला नगर पालिका के चुनावों के माध्यम से कांग्रेस भाजपा सरकार की जनविरोधी और विकास विरोधी नीतियों को उजागर कर सकती है।

विद्रोही के अनुसार, तीन नगर निगमों के मेयर, एक नगर परिषद और तीन नगर पालिकाओं के चेयरमैन पदों के साथ पार्षदों के चुनाव शहरी मतदाताओं की सोच को स्पष्ट रूप से सामने लाएंगे। मेयर और चेयरमैन का सीधा चुनाव होने के कारण इन चुनावों का महत्व और बढ़ गया है।

उन्होंने कहा कि अंबाला, पंचकूला और सोनीपत नगर निगम, रेवाड़ी नगर परिषद तथा धारूहेड़ा-सांपला नगर पालिका में कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला है। दोनों ही दल अपने-अपने चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ रहे हैं, जिससे यह मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है।

विद्रोही ने इसे कांग्रेस के लिए अवसर के साथ-साथ परीक्षा भी बताया। उन्होंने कहा कि पंचकूला में कांग्रेस का विधायक है, जबकि अंबाला में भी कांग्रेस ने भाजपा से अधिक सीटें जीती थीं। सोनीपत को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा का गढ़ माना जाता है, वहीं सांपला क्षेत्र भी उनके निर्वाचन क्षेत्र किलोई-सांपला का हिस्सा है।

उन्होंने आगे कहा कि रेवाड़ी नगर परिषद और धारूहेड़ा नगर पालिका के चुनाव यह संकेत देंगे कि अहीरवाल क्षेत्र में कांग्रेस की स्थिति मजबूत हुई है या पहले की तरह कमजोर बनी हुई है।

विद्रोही ने निष्कर्ष में कहा कि ये नगर निकाय चुनाव हरियाणा में भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों की लोकप्रियता और जनाधार का स्पष्ट संकेत देंगे। साथ ही कांग्रेस के लिए यह एकजुट होकर अपनी राजनीतिक पैठ साबित करने का महत्वपूर्ण अवसर भी है।

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Author: Bharat Sarathi

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