“200 बेड का अदृश्य अस्पताल और मिल्क प्लांट के जुमले से जनता को गुमराह कर रही है सरकार”
रेवाड़ी/चंडीगढ़, 3 मार्च 2026 – स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने हरियाणा बजट 2026 को अहीरवाल क्षेत्र के साथ “एक और छल” करार देते हुए भाजपा के सांसदों और विधायकों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने सवाल उठाया कि अहीरवाल को मिली “कथित सौगातें” आखिर हैं कहाँ, जिन पर जनप्रतिनिधि उछल-कूद कर जनता को भ्रमित कर रहे हैं?
विद्रोही ने कहा कि रेवाड़ी के “कथित 200 बेड के जिला अस्पताल” को 300 बेड का करने का दावा जनता के साथ क्रूर मज़ाक है। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा—यह 200 बेड का जिला अस्पताल आखिर है कहाँ? क्या वह रेवाड़ी में है? अगर है तो दिखाई क्यों नहीं देता? क्या वह आसमान में बना है, मंगल ग्रह पर है या चांद पर? पिछले दस वर्षों से आमजन उसे दूरबीन से भी नहीं ढूंढ पा रहे। यदि वह अदृश्य रहकर “एलियंस” का इलाज कर रहा है, तो इसकी जानकारी कम से कम मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी या स्वास्थ्य मंत्री आरती राव को तो होनी चाहिए कि यह अस्पताल अस्तित्व में आखिर है कहाँ?
उन्होंने कहा कि जब 200 बेड के अस्पताल का ज़मीनी अस्तित्व ही नहीं, तो 300 बेड का जुमला उछालना लोगों के जले घावों पर नमक छिड़कने जैसा है। इसी तरह बावल में मिल्क प्लांट की घोषणा पिछले पाँच वर्षों से हर बजट में दोहराई जा रही है, पर धरातल पर कोई प्रगति नहीं दिखती।
विद्रोही ने आरोप लगाया कि अहीरवाल को रूटीन विकास कार्यों के अलावा कोई ठोस परियोजना नहीं मिली। जिन योजनाओं के दावे किए जा रहे हैं, उनके लिए बजट प्रावधान कहाँ है? पुराने विकास कार्य आधे-अधूरे पड़े हैं, उनके लिए राशि नहीं है, तो नई परियोजनाएँ किस आधार पर पूरी होंगी?
उन्होंने कहा कि पुराने स्कूलों, कॉलेजों और अस्पतालों के निर्माण व मरम्मत के लिए अतिरिक्त बजट प्रावधान नहीं है। महिलाओं को ‘लाडो लक्ष्मी योजना’ के तहत प्रतिमाह 2100 रुपये देने की बात की गई, लेकिन उसके अनुरूप बजट आवंटन का स्पष्ट उल्लेख नहीं। मनरेगा में 125 दिन रोजगार देने की घोषणा है, पर उसके अनुरूप वित्तीय प्रावधान कहाँ है?
आंकड़ों का हवाला देते हुए विद्रोही ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 2,23,658 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया, जबकि सभी स्रोतों से कुल आय 1,46,163 करोड़ रुपये बताई गई है। यानी आय से 77,495 करोड़ रुपये अधिक का बजट। इसमें 40,293 करोड़ रुपये नए कर्ज का प्रस्ताव है। नया कर्ज लेने के बाद भी 37,202 करोड़ रुपये का घाटा कैसे पूरा होगा, इस पर कोई स्पष्टता नहीं है। उनका आरोप है कि विकास बजट में कटौती कर घाटा पूरा किया जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि बजट के अनुसार हरियाणा पर 3.91 लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज है, यानी राज्य का प्रत्येक व्यक्ति औसतन 1.37 लाख रुपये के कर्ज के बोझ तले दबा है। राज्य की कुल आय का लगभग 15.6 प्रतिशत हिस्सा केवल कर्ज के ब्याज में जा रहा है।
विद्रोही ने निष्कर्ष में कहा कि अहीरवाल को पिछले 11 वर्षों से ठगा जा रहा है और इस बार भी बजट में वही कहानी दोहराई गई है। इसके बावजूद क्षेत्र से निर्वाचित भाजपा सांसद और विधायक बजट की प्रशंसा कर जनता के साथ “राजनीतिक धोखाधड़ी” कर रहे हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अहीरवाल के साथ भेदभाव और उपेक्षा का यह सिलसिला नहीं रुका, तो जनता जवाब देना जानती है।
स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने हरियाणा बजट 2026 को अहीरवाल क्षेत्र के साथ छल बताते हुए कहा कि विकास के नाम पर केवल घोषणाओं और आंकड़ों की बाजीगरी की गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से स्पष्ट जवाब मांगते हुए आरोप लगाया कि रेवाड़ी में 200 बेड के जिला अस्पताल को 300 बेड करने का दावा महज राजनीतिक जुमला है, क्योंकि कथित 200 बेड का अस्पताल ही जमीन पर मौजूद नहीं है।
विद्रोही ने कहा कि बजट में घोषित योजनाओं के अनुरूप ठोस वित्तीय प्रावधान नहीं हैं, जबकि राज्य पर बढ़ते कर्ज और ब्याज का बोझ चिंता का विषय है। उन्होंने अहीरवाल के जनप्रतिनिधियों से भी जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए कहा कि क्षेत्र की जनता अब केवल घोषणाओं से संतुष्ट नहीं होगी, बल्कि वास्तविक विकास कार्यों का हिसाब मांगेगी।









