दिशाहीन बजट से युवा-किसान मायूस, बिजली क्षेत्र के निजीकरण की आशंका गहराई – दलबीर धनखड़

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चंडीगढ़, 2 मार्च। प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए जेजेपी के राष्ट्रीय प्रचार सचिव एवं प्रवक्ता दलबीर धनखड़ ने इसे “बेहद निराशाजनक और दिशाहीन” करार दिया। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री एवं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी वर्ष 2047 के विजन की बात तो कर रहे हैं, लेकिन वर्तमान में प्रदेश जिन गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है, उनके समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नजर नहीं आता।

धनखड़ ने विशेष रूप से बिजली क्षेत्र में प्रस्तावित बदलावों पर चिंता जताते हुए कहा कि कृषि क्षेत्र के लिए अलग से बिजली कंपनी बनाने की घोषणा इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में प्रदेश का बिजली महकमा निजीकरण की ओर बढ़ सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार चरणबद्ध तरीके से बिजली सेवाओं को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही है?

उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा योजनाओं में किसी प्रकार का ठोस सुधार नहीं किया गया है, बल्कि कई घोषित योजनाओं के बजट में कटौती देखने को मिली है। “सरकार नई घोषणाएं तो कर रही है, लेकिन पुराने वादों को पूरा करने की इच्छाशक्ति नजर नहीं आती,” धनखड़ ने कहा।

जेजेपी प्रवक्ता ने यह भी दावा किया कि बजट में भाजपा की आंतरिक खींचतान का प्रभाव साफ दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा शुरू की गई प्रमुख योजनाओं के बजट में कोई उल्लेखनीय बढ़ोतरी नहीं की गई, जबकि वर्तमान मुख्यमंत्री की घोषणाओं के लिए इधर-उधर से संसाधन जुटाने का प्रयास किया गया है।

धनखड़ ने कहा कि एक वित्त मंत्री के रूप में नायब सैनी दबाव में काम करते नजर आ रहे हैं और बजट में स्पष्ट नीति व दीर्घकालिक रणनीति का अभाव है। “युवाओं के लिए रोजगार, किसानों के लिए राहत और छोटे मेहनतकश वर्ग के लिए सुरक्षा—इन तीनों मोर्चों पर यह बजट पूरी तरह विफल साबित हुआ है,” उन्होंने कहा।

अंत में उन्होंने कहा कि यह बजट प्रदेश की आम जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने में असफल रहेगा और सरकार को पुनर्विचार कर ठोस राहत पैकेज और रोजगार सृजन की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।

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Author: Bharat Sarathi

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