गुरुग्राम में वायु प्रदूषण नियंत्रण को लेकर निगमायुक्त प्रदीप दहिया की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक

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वार्षिक कार्ययोजना-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु विभिन्न विभागों निर्धारित तिमाही लक्ष्य पूरा करने के लिए गए निर्देश

गुरुग्राम, 2 मार्च। गुरुग्राम में वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए वर्ष 2026 की वार्षिक कार्ययोजना के क्रियान्वयन की समीक्षा हेतु नगर निगम गुरुग्राम कार्यालय में में निगमायुक्त प्रदीप दहिया की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया और अपने-अपने विभागों की कार्ययोजना एवं प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। बैठक में सभी संबंधित विभागों के लिए निर्धारित तिमाही लक्ष्यों को पूरा करने के निर्देश निगमायुक्त द्वारा दिए गए।

15-20 प्रतिशत पार्टिकुलेट मैटर में कमी का लक्ष्य

बैठक में हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) से संबंधित बिंदुओं पर विशेष चर्चा के दौरान अवैध टायर रीसाइक्लिंग इकाइयों, अवैध उद्योगों तथा मानकों का उल्लंघन करने वाली निर्माण गतिविधियों के विरुद्ध पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 के तहत कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

सभी शहरों को वर्ष 2026 में पार्टिकुलेट मैटर की सांद्रता में 15-20 प्रतिशत कमी लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। बिना सीटीई व सीटीओ संचालित उद्योगों की जांच कर गैर-अनुपालक इकाइयों को बंद करने के निर्देश भी दिए गए।

ट्रैफिक जाम और पार्किंग व्यवस्था पर फोकस

ट्रैफिक पुलिस को शहर के सभी टोल प्लाजा और प्रमुख जाम बिंदुओं की पहचान कर डी-कंजेशन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए। पार्किंग स्थलों के उपयोग और अतिक्रमण की स्थिति का सर्वे कर आवश्यक कार्रवाई करने पर जोर दिया गया। स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के तहत एएनपीआर आधारित स्वचालित चालान प्रणाली पहले से लागू होने की जानकारी दी गई।

शहर बस सेवा के विस्तार की योजना

गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन सिटी बस लिमिटेड के अधिकारियों द्वारा बताया गया कि शहर में 1000 बसों की आवश्यकता है, जबकि वर्तमान में 150 बसें उपलब्ध हैं। एमओएचयूए दिशानिर्देशों के अनुसार चरणबद्ध विस्तार की योजना तैयार की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि 200 बसें बढ़ाने के लिए हाई पावर परचेज कमेटी में चर्चा हो चुकी है तथा अप्रैल माह के अंत तक नई बसें आने की संभावना है।

सडक़ों की मरम्मत और एंटी-स्मॉग गन तैनाती

जीएमडीए को सभी गड्ढों की 48 घंटे में मरम्मत सुनिश्चित करने तथा सडक़ किनारे देशी प्रजातियों के पौधारोपण के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। 30 ट्रक माउंटेड एंटी-स्मॉग गन किराए पर लेने की प्रक्रिया तेज करने को भी कहा गया। अक्टूबर 2027 तक 100 प्रतिशत एंड-टू-एंड रोड पेविंग का लक्ष्य निर्धारित किया गया।

धूल मुक्त सडक़ें और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन

नगर निगम के संयुक्त आयुक्तों को डस्ट फ्री रोड अभियान को प्रभावी बनाने, महिला स्वयं सहायता समूहों को कचरा संग्रहण एवं पृथक्करण कार्य में शामिल करने तथा विकेंद्रीकृत अपशिष्ट प्रबंधन मॉडल के लिए आरएफपी तैयार करने के निर्देश दिए गए। मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग, निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट (सीएंडडी वेस्ट) के उचित प्रबंधन तथा खुले स्थानों की नियमित सफाई पर भी जोर दिया गया।

जल निकायों का संरक्षण और हरित पहल

नगर निगम क्षेत्र में कुल 74 तालाबों में से 55 विकसित किए जा चुके हैं, जबकि शेष पर कार्य प्रगति पर है। मानसून से पूर्व सभी आवश्यक तालाबों की सफाई और गहरीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अडूसा, करोंदा, बोगनवेलिया, रात की रानी, मेहंदी आदि देशी प्रजातियों के पौधारोपण एवं रखरखाव की विस्तृत कार्ययोजना बनाने पर बल दिया गया।

व्यापक जनजागरूकता अभियान

जनप्रतिनिधियों, आरडब्ल्यूए, उद्योग संगठनों एवं विश्वविद्यालयों के सहयोग से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सर्कुलर इकोनॉमी और सतत पैकेजिंग को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे।

बहु-विभागीय समन्वय पर जोर

पीडब्ल्यूडी, एचएसवीपी, एनएचएआई, इंजीनियरिंग विंग, स्वच्छ भारत मिशन, हॉर्टिकल्चर तथा अन्य विभागों को वर्ष 2025-26, 2026-27 एवं 2027-28 की चरणबद्ध कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। बैठक में स्पष्ट किया गया कि सभी विभाग अपनी एक्शन टेकन रिपोर्ट के साथ नियमित समीक्षा बैठकों में भाग लें और निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करें।

निगमायुक्त प्रदीप दहिया के अनुसार गुरुग्राम में वायु प्रदूषण नियंत्रण को लेकर प्रशासन ने बहु-आयामी रणनीति अपनाई है। अवैध गतिविधियों पर सख्ती, ट्रैफिक प्रबंधन, हरित पहल, अपशिष्ट प्रबंधन और जनभागीदारी के माध्यम से वर्ष 2026 में प्रदूषण स्तर में उल्लेखनीय कमी लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सभी संबंधित विभागों को समन्वित एवं परिणामोन्मुखी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

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Author: Bharat Sarathi

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