गुरुग्राम में अमेरिका–इज़राइल के खिलाफ प्रदर्शन, पुतला दहन कर युद्ध नीति की निंदा

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ईरान पर हमलों को बताया अंतरराष्ट्रीय कानून के विरुद्ध; भारत सरकार से स्पष्ट रुख अपनाने की मांग

गुरुग्राम, 1 मार्च 2026। गुरुग्राम स्थित डाकखाना चौक पर अमेरिका–इज़राइल गठजोड़ द्वारा ईरान पर किए जा रहे हमलों के विरोध में शनिवार को जोरदार प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी साम्राज्यवाद का पुतला दहन करते हुए युद्धोन्मादी नीतियों के खिलाफ कड़ी निंदा व्यक्त की।

इस विरोध कार्यक्रम में सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया (कम्युनिस्ट), ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर (AIUTUC), इंकलाबी मजदूर केंद्र तथा बेलसोनिका यूनियन के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सभा का संचालन वज़ीर सिंह ने किया।

सभा को संबोधित करते हुए AIUTUC के जिला सचिव कामरेड श्रवण कुमार गुप्ता, इंकलाबी मजदूर केंद्र के कामरेड राजू, बेलसोनिका यूनियन के महासचिव कामरेड अजीत सिंह तथा सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया (कम्युनिस्ट) के जिला सचिव कामरेड बलवान सिंह ने कहा कि अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए जा रहे हमले अंतरराष्ट्रीय कानून और विश्व शांति के लिए गंभीर खतरा हैं। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि साम्राज्यवादी ताकतें विभिन्न देशों में युद्ध और अस्थिरता फैलाकर अपने आर्थिक और राजनीतिक हित साधती रही हैं।

उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि अमेरिका ने इराक, अफगानिस्तान, लीबिया और सीरिया जैसे देशों में हस्तक्षेप कर लाखों लोगों की जान ली और पूरे क्षेत्रों को अस्थिरता की ओर धकेला। अब वही नीति ईरान के खिलाफ अपनाई जा रही है, जिससे पूरे पश्चिम एशिया में व्यापक युद्ध का खतरा बढ़ गया है।

वक्ताओं ने हाल ही में ईरान में एक स्कूल पर हुए हमले में मासूम बच्चियों की मौत का उल्लेख करते हुए इसे मानवता के खिलाफ अपराध बताया। उनका कहना था कि युद्धों का सबसे बड़ा खामियाजा आम जनता, मजदूरों, महिलाओं और बच्चों को उठाना पड़ता है, इसलिए विश्व की शांति प्रेमी जनता को इसके खिलाफ एकजुट होना चाहिए।

सभा में भारत सरकार से मांग की गई कि वह अमेरिका और इज़राइल के हमलों का स्पष्ट विरोध करे, उनके साथ हुए सैन्य व रणनीतिक समझौतों की समीक्षा करे तथा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर युद्ध विराम और शांति बहाली की मांग को मजबूती से उठाए।

अंत में कामरेड श्रवण कुमार गुप्ता के नेतृत्व में अमेरिकी साम्राज्यवाद का पुतला दहन किया गया और युद्ध विरोधी नारे लगाए गए। कार्यक्रम में आलम, प्रमोद, सुभाष, कमलजीत, शिवशंकर, आकाश, पूरण, राम कुमार, विकास, कमलकांत, कृष्ण कुमार, हेमराज तथा कोमल सिंह सहित विभिन्न संगठनों के अनेक कार्यकर्ता एवं मजदूर साथी उपस्थित रहे।

वक्ताओं ने आह्वान किया कि साम्राज्यवाद और युद्ध के खिलाफ वैश्विक स्तर पर मेहनतकश जनता को एकजुट संघर्ष करना होगा, तभी विश्व में स्थायी शांति की स्थापना संभव है।

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Author: Bharat Sarathi

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