सर्वाइकल कैंसर के जोखिम को कम करने के लिए 28 फरवरी को जिला नागरिक अस्पताल से शुरू होगा एचपीवी टीकाकरण अभियान

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सिविल सर्जन डॉ. लोकवीर ने प्रेस वार्ता में दी जानकारी

टीकाकरण अभियान में 14 वर्ष की किशोरियां लक्ष्य, ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता के लिए विशेष अभियान

गुरुग्राम, 26 फरवरी। सिविल सर्जन डॉ. लोकवीर ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर के जोखिम को कम करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 28 फरवरी को राजस्थान के अजमेर से ह्यूमन पैपिलोमा वैक्सीन (एचपीवी) टीकाकरण अभियान का राष्ट्रीय स्तर पर शुभारंभ करेंगे। डॉ. लोकवीर वीरवार को अपने कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में गुरुग्राम जिले में अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम को लेकर जानकारी दे रहे थे। इस अवसर पर जिला में अभियान के नोडल अधिकारी एवं डिप्टी सिविल सर्जन डॉ जयप्रकाश राजलीवाल भी मौजूद रहे।

प्रेस वार्ता में डॉ लोकवीर ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सर्वाइकल कैंसर के जोखिम को कम करना है, जो भारत में महिलाओं में दूसरा सबसे आम कैंसर है। ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) इसके प्रमुख कारणों में से एक है, विशेषकर इसके 16 और 18 प्रकार सर्वाधिक खतरनाक माने जाते हैं। सरकार द्वारा 6, 11, 16 और 18 प्रकारों से सुरक्षा प्रदान करने वाली वैक्सीन उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया किे यह टीकाकरण पूरी तरह स्वैच्छिक होगा और निःशुल्क उपलब्ध रहेगा। अभियान में लक्ष्य समूह मुख्यतः 14 वर्ष की किशोरियां हैं। जिले को प्रथम चरण में प्राप्त डोज को ब्लॉक स्तर पर वितरित किया जायेगा। शुभारंभ दिवस पर लगभग 50 बालिकाओं के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, हालांकि पात्र बालिकाओं की संख्या अधिक होने पर सभी को टीका लगाया जाएगा।

सिविल सर्जन ने बताया कि यह 0.5 मिली की सिंगल डोज होगी, जो बाएं हाथ में इंट्रामस्कुलर (मांसपेशी में) दी जाएगी।
प्रारंभिक चरण में टीकाकरण जिला अस्पताल, उपमंडल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर किया जाएगा। स्कूलों के माध्यम से भी पात्र छात्राओं को लाकर टीकाकरण सुनिश्चित किया जाएगा और विशेष कैंप आयोजित किए जाएंगे। अभियान की मॉनिटरिंग और लाभार्थियों की ट्रैकिंग यू विन पोर्टल के माध्यम से की जाएगी, ताकि प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित रूप से संचालित हो सके।

सिविल सर्जन ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी बेटियों को टीकाकरण के बाद कम से कम आधा घंटा स्वास्थ्य केंद्र पर अवश्य रुकवाएं, ताकि किसी भी संभावित प्रतिक्रिया की स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सहायता दी जा सके। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने के लिए आशा वर्करों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं तथा स्वास्थ्य विभाग की टीमों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह अभियान बेटियों के स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और अधिक से अधिक पात्र किशोरियों को इसका लाभ दिलाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

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Author: Bharat Sarathi

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