मुंबई/पुणे, 1 अगस्त। महाराष्ट्र में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का नया दौर शुरू हो गया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं महाराष्ट्र सरकार के मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके को खुली चुनौती देते हुए कहा है कि यदि किसी भाजपा नेता ने उन्हें पार्टी में शामिल होने का प्रस्ताव दिया था और धमकी दी थी, तो उसका नाम सार्वजनिक करें।
विखे पाटिल ने कहा कि बिना सबूत ऐसे आरोप लगाना उचित नहीं है। उन्होंने दिपके से कहा कि यदि उनके पास कोई तथ्य या प्रमाण हैं तो उन्हें सार्वजनिक किया जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
दूसरी ओर, अभिजीत दिपके ने अपने पूर्व दावों को दोहराते हुए कहा कि उन पर भाजपा में शामिल होने का दबाव बनाया गया था। उन्होंने हाल के छात्र आंदोलन और उससे जुड़े मामलों में दर्ज एफआईआर पर भी सवाल उठाए तथा आरोप लगाया कि कानून का इस्तेमाल चुनिंदा लोगों के खिलाफ किया जा रहा है।
इसी बीच दिपके ने जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान हुई पत्थरबाजी को लेकर भी भाजपा कार्यकर्ताओं पर आरोप लगाए हैं। हालांकि भाजपा की ओर से इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि छात्र आंदोलन के बाद CJP की बढ़ती राजनीतिक सक्रियता और भाजपा के साथ उसका सीधा टकराव आने वाले दिनों में राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस को जन्म दे सकता है। फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने दावों पर कायम हैं और आरोपों के समर्थन में ठोस साक्ष्य सार्वजनिक होने का इंतजार है।








