· विधानसभा से बाहर आकर सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि हरियाणा में ‘नॉट फाउंड सूटेबल’ सरकार
· सत्ता पक्ष और विपक्ष में असहमति होना प्रजातंत्र का गहना है। हम जोर शोर से जनता के अधिकारों के लिये संघर्ष करेंगे – दीपेंद्र हुड्डा
· मनरेगा योजना खत्म कर मजदूर-गरीब पर बड़ा प्रहार किया गया है – दीपेंद्र हुड्डा

चंडीगढ़, 25 फरवरी। आज जब HPSC पर हरियाणा विधानसभा में HPSC की कार्यप्रणाली पर काम रोको प्रस्ताव आया, तो उस समय विधानसभा की वीआईपी गैलरी में सांसद दीपेन्द्र हुड्डा समेत चार कांग्रेस सांसद जय प्रकाश, सांसद वरुण चौधरी, सांसद सत्यपाल ब्रह्मचारी उपस्थित थे। विधानसभा से बाहर आकर सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि हरियाणा में ‘नॉट फाउंड सूटेबल’ सरकार है। हरियाणा के युवा यूपीएससी, IIT, NET, JRF एवं अन्य बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में टॉप कर लेते हैं लेकिन, HPSC सोची-समझी साजिश के तहत अपनी परीक्षाओं में इन्हें अयोग्य ठहरा रहा है। हर भर्ती में हरियाणवी युवाओं की उपेक्षा हो रही है और गैर-हरियाणवियों को नौकरी में प्राथमिकता दी जा रही है। हरियाणा में या तो ज्यादातर पद नॉट फाउंड सूटेबल का ठप्पा लगाकर खाली रखे जा रहे हैं या तो हरियाणा से बाहर के युवा लगाये जा रहे हैं। देश में ऐसा अन्याय कहीं नहीं हो रहा है। सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि HPSC को भंग करके तमाम भर्ती घोटालों की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई और 35% न्यूनतम अंक क्राईटेरिया हटाकरHPSC के सारे खाली पदों का दोबारा से विज्ञापन की मांग की।

उन्होंने कहा कि भर्तियों के नाम पर बीजेपी सरकार पिछले 12 साल से हरियाणा के युवाओं को ठग रही है। HPSC भर्ती घोटाले, पेपर लीक, रिश्वतखोरी और हरियाणा के बाहर के लोगों को हरियाणा की नौकरी देने का अड्डा बन गये हैं। बीजेपी सरकार हर भर्ती में हरियाणवी युवाओं की उपेक्षा कर रही है और गैर-हरियाणवियों को नौकरी में प्राथमिकता दे रही है। हरियाणा में या तो ज्यादातर पद खाली रह जाते हैं या तो बाहर के युवा लग जाते हैं। देश में ऐसा अन्याय कहीं नहीं हो रहा है। सरकार कहती है कि बीजेपी राज में पर्ची और खर्ची नहीं चलती, जबकि हकीकत ये है कि पर्ची और खर्ची की बात करने वालों के राज में पर्चा और खर्चा चलता है।

दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि एचपीएससी की भर्तियों में आरक्षित वर्गों को बाबा साहब के संविधान के तहत मिलने वाले आरक्षण के लाभ को बीजेपी सरकार बैक डोर से खत्म करने की साजिश कर रही है। इसका उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि असिस्टेंट प्रोफेसर इंग्लिश की भर्ती में 60 में से 1 का चयन हुआ, 59 खाली छोड़ दी गयी। ओएससी की 60 में से 2 का चयन हुआ 58 खाली छोड़ दी गयी। पीजीटी कम्प्यूटर साईंस भर्ती में एससी के 342 पद खाली। 35 प्रतिशत शर्त लगाकर नॉट फाउंड सूटेबल लिख दिया जाता है। हर भर्ती में 60 से 70 सीटें खाली रखी जा रही है। जबकि कांग्रेस सरकार ने पिछली सरकारों का बैकलॉग भी भरने का काम किया था।
इससे पहले आज चंडीगढ़ में हरियाणा कांग्रेस द्वारा ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों मनरेगा योजना को खत्म करने की साजिश, 14 लाख BPL कार्ड काटे जाने, HPSC में अनियमितताओं, किसानों की उपेक्षा, बढ़ती बेरोजगारी और नौकरियों पर गहराते संकट के खिलाफ हरियाणा विधानसभा का शांतिपूर्ण घेराव किया। दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि प्रजातंत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष में असहमति होना प्रजातंत्र का गहना है। विरोध करना हमारा संवैधानिक अधिकार है। पहली बार ऐसा हुआ है कि नोटिस लगाकर कहा गया है कि प्रदर्शन की अनुमति नहीं देंगे। आज प्रजातंत्र पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। क्योंकि भाजपा प्रजातंत्र में विश्वास नहीं रखती। हरियाणा पुलिस ने तमाम जिलों में कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं को हाउस अरेस्ट किया गया, जो स्वीकार्य नहीं है। लेकिन मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उन्हें इस बात का पता ही नहीं है। इससे स्पष्ट है कि हरियाणा सरकार की डोर दिल्ली में किसी और हाथ में है। हरियाणा की सरकार दिल्ली के ईशारे पर चलती है। उन्होंने चेताया कि विपक्ष की आवाज़ कुचलने का प्रयास सत्तारूढ़ दल या उनके अधिकारी न करें। हम जोर शोर से जनता के अधिकारों के लिये संघर्ष करेंगे।







