एआई समिट प्रदर्शन पर दमनात्मक कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला : वेदप्रकाश विद्रोही

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

नई दिल्ली/रेवाडी, 25 फरवरी 2026। स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने एआई समिट के दौरान युवा कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर की जा रही पुलिस कार्रवाई की कठोर आलोचना की है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन और विरोध लोकतंत्र में नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है, और उसके नाम पर दमनात्मक कदम उठाना लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा आघात है।

विद्रोही ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस द्वारा कथित रूप से अधिकारों का दुरुपयोग कर युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ की गई कार्रवाई राजनीतिक दबाव में की गई प्रतीत होती है। उन्होंने कहा कि सत्ता स्थायी नहीं होती और लोकतांत्रिक व्यवस्था में जवाबदेही तय होती है।

उन्होंने यह भी कहा कि एआई समिट में प्रदर्शन के संदर्भ में भारतीय जनता पार्टी सरकार द्वारा अपनाया गया रवैया एक खतरनाक परंपरा की शुरुआत हो सकता है। विद्रोही के अनुसार, यदि शांतिपूर्ण राजनीतिक विरोध को साजिश बताकर गिरफ्तारियों का सिलसिला शुरू होता है, तो भविष्य में अन्य दलों के साथ भी ऐसा हो सकता है।

विद्रोही ने युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदयभानु चिब की गिरफ्तारी पर भी प्रश्न उठाते हुए कहा कि यह राजनीतिक असहमति को दबाने का प्रयास है। उन्होंने तर्क दिया कि विश्व स्तरीय आयोजनों में विरोध प्रदर्शन सामान्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं और इसे देश की छवि से जोड़ना उचित नहीं है।

उन्होंने एआई समिट के दौरान गलगोटिया यूनिवर्सिटी से जुड़े कथित विवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव से संबंधित सवालों पर भी पारदर्शिता की मांग की।

वेदप्रकाश विद्रोही ने अंत में कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक देश में असहमति और विरोध को दबाने के बजाय संवाद और संवैधानिक प्रक्रियाओं के माध्यम से समाधान खोजा जाना चाहिए।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

Leave a Comment

और पढ़ें