संत-महात्माओं के आशीर्वचन, सनातन की महिमा पर मंथन, 600 श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद

गुरुग्राम, 22 फरवरी 2026। देशव्यापी हिंदू सम्मेलन श्रृंखला के अंतर्गत रविवार को सी-ब्लॉक, सुशांत लोक-I स्थित कम्युनिटी सेंटर में एक भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिससे वातावरण पूर्णतः आध्यात्मिक और राष्ट्रभावना से ओत-प्रोत दिखाई दिया।
सम्मेलन में महामंडलेश्वर स्वामी सत्यानंद गिरि का विशेष आगमन हुआ। उन्होंने अपने आशीर्वचनों में सनातन धर्म की वैश्विक प्रासंगिकता, आध्यात्मिक अनुशासन और सामाजिक समरसता पर प्रकाश डालते हुए उपस्थित जनसमूह को धर्म एवं संस्कारों के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
प्रसिद्ध समाजसेवी बोधराज सीकरी ने ‘हिंदू, हिंदुत्व, सनातन और संस्कार’ विषय पर सारगर्भित उद्बोधन दिया। उन्होंने वेदों, उपनिषदों एवं पुरातन धर्मग्रंथों का उल्लेख करते हुए कहा कि सनातन का इतिहास शाश्वत है और इसकी जड़ें मानव सभ्यता के आदिकाल तक विस्तृत हैं। उन्होंने समाज को अपने मूल संस्कारों से जुड़ने और भावी पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से परिचित कराने का आह्वान किया।
बृजभूमि से पधारे कथा वाचक पंडित नन्द किशोर ने राम कथा के माध्यम से पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। उनके भावपूर्ण वाचन से उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और पूरा सभागार “जय श्रीराम” के उद्घोष से गूंज उठा।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचार प्रमुख (बौद्धिक) प्रदीप शर्मा के प्रेरक संबोधन के साथ हुआ। उन्होंने संगठनात्मक एकता, राष्ट्र निर्माण और सांस्कृतिक जागरण पर बल देते हुए समाज को संगठित होकर कार्य करने की आवश्यकता बताई।
इस भव्य आयोजन के प्रमुख संयोजक अरुण वर्मा एवं संघ के समर्पित कार्यकर्ताओं के प्रयासों से कार्यक्रम अत्यंत सफल रहा। सम्मेलन में बालक, महिला और पुरुष—तीनों वर्गों की लगभग समान भागीदारी रही तथा समाज के सभी वर्गों के लोगों की उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज की गई।
कार्यक्रम की समाप्ति के पश्चात लगभग 600 श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से भोजन प्रसाद ग्रहण किया। समग्र रूप से यह सम्मेलन सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक जागरण और सनातन मूल्यों के संरक्षण का प्रेरणास्पद उदाहरण बनकर उभरा।







