विदेशी सिविल सेवकों ने गुरुग्राम जिला प्रशासन की सुशासन प्रणाली का लिया अनुभव

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डीसी अजय कुमार ने विदेशी प्रतिनिधिमंडल को हरियाणा के सुशासन मॉडल से कराया अवगत

राष्ट्रीय सुशासन केंद्र के प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत आयोजित था प्रतिनिधिमंडल का दौरा

प्रतिनिधिमंडल में श्रीलंका, तंजानिया, माली, नाइजर, बुर्किना फासो विकासशील देशों के वरिष्ठ सिविल सेवक रहे शामिल

गुरुग्राम, 24 फरवरी। भारत सरकार के राष्ट्रीय सुशासन केंद्र (नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस) द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत श्रीलंका, तंजानिया, माली, नाइजर, बुर्किना फासो आदि विकासशील देशों के वरिष्ठ सिविल सेवकों के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुग्राम स्थित जिला प्रशासन कार्यालय का भ्रमण किया। इस प्रतिनिधिमंडल में संबंधित देशों के चीफ सेक्रेटरी, मंत्रालयों के निदेशक एवं सचिव स्तर के अधिकारी शामिल थे।

गुरुग्राम आगमन पर डीसी अजय कुमार ने प्रतिनिधिमंडल का आत्मीय स्वागत करते हुए हरियाणा सरकार के विज़न, सुशासन की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक नवाचारों की विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने पारदर्शिता, जवाबदेही और तकनीकी सशक्तिकरण को प्रशासन की धुरी बनाया है।

डीसी अजय कुमार ने बताया कि हरियाणा सरकार ने परिवार पहचान पत्र के माध्यम से लाभार्थियों की पहचान और योजनाओं के लक्षित वितरण में क्रांतिकारी बदलाव लाया है। अंत्योदय सरल पोर्टल के माध्यम से नागरिक सेवाओं को ऑनलाइन, समयबद्ध और पारदर्शी बनाया गया है। भूमि अभिलेखों का कंप्यूटरीकरण कर राजस्व कार्यों को सरल और भ्रष्टाचार-मुक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने महिला सशक्तिकरण के अंतर्गत लाडो लक्ष्मी योजना, कृषि क्षेत्र में “मेरा पानी मेरी विरासत” जैसी पहल, सामाजिक सुरक्षा योजनाएं, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, युवाओं के लिए कौशल विकास और रोजगार अवसरों के सृजन, तथा शहरी बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण पर विस्तार से जानकारी दी।

डीसी अजय कुमार ने कहा कि हरियाणा राज्य स्तर पर “डिजिटल इंडिया” आंदोलन को अग्रणी रूप से लागू कर रहा है। शासन प्रणाली में फोकस आउटले (व्यय) से हटाकर आउटकम (जनजीवन पर वास्तविक प्रभाव) पर केंद्रित किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य में 74 प्रतिशत से अधिक कन्विक्शन रेट और बेहतर ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस के साथ वर्ष 2047 के आर्थिक लक्ष्यों की दिशा में सुदृढ़ कदम बढ़ाए जा रहे हैं।

बैठक के दौरान डीसीपी ट्रैफिक राजेश मोहन ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली, यातायात प्रबंधन एवं तकनीकी निगरानी प्रणाली की जानकारी साझा की। एसडीएम परमजीत चहल ने उपमंडल प्रशासन की जिम्मेदारियों, राजस्व एवं न्यायिक कार्यों की प्रक्रिया तथा जनसेवा वितरण तंत्र पर प्रकाश डाला। जिला परिषद के सीईओ सुमित कुमार एवं नगर निगम के संयुक्त आयुक्त विशाल ने अपने-अपने विभागों के कार्यक्षेत्र, ग्रामीण एवं शहरी विकास योजनाओं तथा क्रियान्वयन प्रणाली के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

भ्रमण पर आए विदेशी सिविल सेवकों ने भी अपने-अपने देशों में क्षेत्रीय विकास, सामाजिक कल्याण प्रणाली, सामाजिक सशक्तिकरण, ई-गवर्नेंस एवं उद्यमिता विकास से जुड़े अनुभव साझा किए। उन्होंने गुरुग्राम जिला प्रशासन की पारदर्शी कार्यशैली, डिजिटल प्रक्रियाओं और सेवा वितरण की दक्षता की सराहना की।

इस अवसर पर लबासना से एसोसिएट कोर्स कोऑर्डिनेटर डॉ मुकेश भंडारी तथा प्रोग्राम असिस्टेंट संजय दत्त पंत,
डीएफओ राजकुमार, एसीयूटी अदिति सिंघानिया, सीटीएम सपना यादव, एसीपी ट्रैफिक सत्यपाल, डीईईओ कैप्टन इंदु बोकन, सीएमओ डॉ लोकवीर, डिप्टी सीएमओ डॉ अनुज गर्ग, पीडब्ल्यूडी से कार्यकारी अभियंता चरणदीप राणा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

उल्लेखनीय है कि भारत सरकार, विशेषकर भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग तथा राष्ट्रीय सुशासन केंद्र के माध्यम से विकासशील देशों के सिविल सेवकों के लिए प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण कार्यक्रम संचालित करती है। इन पहलों का उद्देश्य सुशासन, नीति निर्माण, प्रशासनिक नवाचार और तकनीकी सहयोग के माध्यम से भारत के विकास अनुभवों को साझा करना है। इन्हीं प्रयासों के तहत गुरुग्राम आगमन से पूर्व प्रतिनिधिमंडल के लिए मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में एक सप्ताह का प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया था।

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Author: Bharat Sarathi

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