गुरुग्राम, 24 फरवरी 2026। ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर (एआईयूटीयूसी) हरियाणा प्रदेश कमेटी के सचिव कॉमरेड हरिप्रकाश ने पानीपत स्थित इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड की पानीपत रिफाइनरी में मजदूरों के शांतिपूर्ण आंदोलन के दौरान केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) द्वारा कथित हस्तक्षेप और हवाई फायरिंग की घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है।

जारी बयान में उन्होंने कहा कि मजदूर अपनी बुनियादी और न्यायोचित मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे। उनकी मांगें श्रम कानूनों के अनुरूप और अत्यंत सामान्य हैं। इनमें प्रतिदिन 8 घंटे से अधिक कार्य न लिया जाना, कार्यस्थल पर स्वच्छ पेयजल, शौचालय और कैंटीन की समुचित व्यवस्था, श्रमिकों के साथ मानवीय व्यवहार तथा साप्ताहिक अवकाश सुनिश्चित करना शामिल है।
कॉमरेड हरिप्रकाश ने आरोप लगाया कि मजदूरों की मांगों को स्वीकार करने के बजाय रिफाइनरी प्रबंधन ने ठेकेदारों के हितों की रक्षा और श्रमिकों की आवाज दबाने के लिए सीआईएसएफ बल का दुरुपयोग किया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
एआईयूटीयूसी हरियाणा प्रदेश कमेटी ने रिफाइनरी प्रशासन और हरियाणा सरकार से निम्न मांगें तत्काल लागू करने की मांग की है
- रिफाइनरी प्लांट में ठेका प्रथा समाप्त की जाए।
- पानीपत रिफाइनरी के सभी ठेका कर्मियों को स्थायी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।
- श्रम कानूनों के तहत मिलने वाली सभी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
- कार्यदिवस 8 घंटे से अधिक न हो।
- ओवरटाइम का भुगतान दोगुनी दर से किया जाए।
- मजदूरों के खिलाफ दर्ज शिकायतें तुरंत वापस ली जाएं।
- भविष्य में शांतिपूर्ण आंदोलनों पर किसी प्रकार की दमनात्मक कार्रवाई न की जाए।
कॉमरेड हरिप्रकाश ने पानीपत रिफाइनरी के मजदूरों से अपील की कि वे एकजुटता बनाए रखते हुए शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक ढंग से अपना आंदोलन जारी रखें।








