14 साल पुराने व्यवसायिक विवाद में रची गई थी साजिश, यूट्यूब देखकर की गई हत्या की प्लानिंग
पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर सुलझाई ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी
गुरुग्राम | 13 जनवरी 2026 – सेक्टर-37D, रामा पार्क के पास सड़क किनारे मिले एक अज्ञात व्यक्ति की हत्या की गुत्थी को गुरुग्राम पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस ने इस ब्लाइंड मर्डर केस में मृतक के मौसी के बेटे समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या की साजिश का पर्दाफाश किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपियों ने हत्या की योजना बनाने और वारदात के बाद पुलिस से बचने के तरीके यूट्यूब वीडियो देखकर सीखे।
सड़क किनारे खून से लथपथ मिला था शव
दिनांक 06 जनवरी 2026 को थाना सेक्टर-10, गुरुग्राम की पुलिस को सूचना मिली कि सेक्टर-37D स्थित रामा पार्क के पास सड़क किनारे एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस और ERV टीम मौके पर पहुंची और घायल को सिविल अस्पताल, सेक्टर-10 पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटनास्थल पर सीन-ऑफ-क्राइम, डॉग स्क्वाड और फिंगरप्रिंट टीमों द्वारा गहन जांच की गई। मृतक के बेटे की शिकायत पर हत्या का मामला दर्ज किया गया। मृतक की पहचान संजय शर्मा (50 वर्ष), निवासी बसई इंक्लेव पार्ट-2, गुरुग्राम के रूप में हुई, जो सेक्टर-34 में कैंटीन संचालित करता था।
दुर्घटना की आड़ में की गई सुनियोजित हत्या
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पहले मृतक की रेकी करवाई। योजना के अनुसार रामा पार्क के पास मृतक की कार को टक्कर मारी गई। जैसे ही संजय शर्मा गाड़ी से नीचे उतरे, मुख्य आरोपी ने उन्हें गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया और फरार हो गया।
मौसी का बेटा निकला मुख्य आरोपी
अपराध शाखा पालम विहार के इंचार्ज निरीक्षक जयबीर के नेतृत्व में गठित टीम ने इस केस में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया—
- गुरुदत्त शर्मा उर्फ बालेश्वर शर्मा (56 वर्ष)
निवासी: गांव डहकोरा, जिला रोहतक (हरियाणा)
वर्तमान में देहरादून में कैफे संचालक - अनिल (48 वर्ष)
निवासी: गांव कंडोरा, जिला बागपत (उत्तर प्रदेश)
पेशा: प्राइवेट बस चालक
मुख्य आरोपी गुरुदत्त शर्मा को 10 जनवरी 2026 को देहरादून से गिरफ्तार कर 4 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया, जबकि सह आरोपी अनिल को 12 जनवरी 2026 को मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार किया गया।
14 साल पुराना विवाद बना हत्या की वजह
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि गुरुदत्त शर्मा और मृतक संजय शर्मा के बीच वर्ष 2011-12 में क्रेशर बजरी के संयुक्त व्यवसाय को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद उनका कारोबार बंद हो गया। तभी से दोनों के बीच रंजिश चल रही थी, जो अंततः हत्या में बदल गई।
रेकी और हत्या के लिए दिए 10 लाख रुपये
आरोपी गुरुदत्त शर्मा ने हत्या की साजिश को अंजाम देने और रेकी के लिए सह आरोपी अनिल को 10 लाख रुपये दिए थे। दोनों ने स्वीकार किया कि हत्या की योजना और पुलिस से बचने के तरीके उन्होंने यूट्यूब वीडियो देखकर सीखे।
जांच जारी, अन्य आरोपियों की तलाश
पुलिस द्वारा आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। इस वारदात में शामिल अन्य सहयोगियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। अभियोग का अनुसंधान प्रगति पर है।









