हरियाणा निकाय चुनाव में भाजपा की शानदार जीत, कांग्रेस को करना होगा आत्ममंथन : विद्रोही

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– अहीरवाल और शहरी क्षेत्रों में कांग्रेस की लगातार कमजोर होती स्थिति पर उठाए सवाल

रेवाड़ी, 14 मई। स्वयंसेवी संस्था ‘ग्रामीण भारत’ के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने हरियाणा के तीन नगर निगमों, एक नगर परिषद और तीन नगर पालिकाओं के चुनावों में विजयी सभी उम्मीदवारों को बधाई देते हुए आशा जताई कि नव-निर्वाचित मेयर, चेयरमैन और पार्षद जनता से किए गए वादों पर खरा उतरते हुए अपने-अपने क्षेत्रों के शहरी विकास और नागरिक सुविधाओं के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए कार्य करेंगे।

विद्रोही ने कहा कि उकलाना नगर पालिका में कांग्रेस समर्थित चेयरमैन उम्मीदवार रीमा सोनी की जीत को छोड़ दें तो बाकी सभी स्थानों पर कांग्रेस को शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा, जबकि भाजपा ने शानदार जीत दर्ज की। उन्होंने भाजपा को जीत की बधाई देते हुए कहा कि कांग्रेस को अपनी हार पर गंभीर चिंतन-मंथन करने की आवश्यकता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस किसी भी चुनावी हार से सबक लेने की बजाय बहानेबाजी करती है और हार की जिम्मेदारी तय करने से बचती है। कांग्रेस नेतृत्व आवश्यक संगठनात्मक बदलाव करने की बजाय यथास्थिति बनाए रखता है, जिससे भविष्य में भी हार की स्थिति बनती है।

वेदप्रकाश विद्रोही ने कहा कि हरियाणा में कांग्रेस की सबसे कमजोर कड़ी शहरी और अहीरवाल क्षेत्र बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि रेवाड़ी नगर परिषद और धारूहेड़ा नगरपालिका चुनाव में कांग्रेस की स्थिति बेहद खराब रही। धारूहेड़ा में कांग्रेस प्रत्याशी भाजपा से मुकाबला करना तो दूर, मात्र 1817 वोट हासिल कर अपनी जमानत तक नहीं बचा सके। वहीं रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार करीब 21 हजार वोटों से पराजित हुई।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह विचार करना होगा कि वह कब तक केवल एक परिवार और एक नेता के भरोसे रेवाड़ी की राजनीति करती रहेगी। पार्टी का दुर्भाग्य यह है कि वह नए नेतृत्व को आगे बढ़ाने में विफल रही है। नए चेहरों को मौका देने के नाम पर केवल चापलूसों और कठपुतलियों को आगे किया जाता है, जिससे अहीरवाल क्षेत्र में कांग्रेस का जनाधार लगातार सिकुड़ता जा रहा है।

विद्रोही ने यह भी कहा कि कांग्रेस संगठनात्मक अभियान के तहत हरियाणा में बनाए गए नए जिला अध्यक्ष पिछले आठ महीनों में जमीनी स्तर पर सक्रिय होने की बजाय सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया में फोटो इवेंट तक सीमित रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या केवल फोटो इवेंट से कांग्रेस मजबूत होगी या फिर जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को आगे लाने से पार्टी को मजबूती मिलेगी।

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Author: Bharat Sarathi

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