-जयपुर, गुरुग्राम और नासिक सहित कई स्थानों पर छापेमारी
-पेपर लीक गिरोह के देशभर में फैले नेटवर्क की जांच तेज
नई दिल्ली। NEET UG-2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एजेंसी ने बुधवार को देश के कई राज्यों में एक साथ छापेमारी कर महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज भी बरामद किए हैं।
CBI अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में तीन आरोपी जयपुर से, एक गुरुग्राम से और एक महाराष्ट्र के नासिक से पकड़ा गया है। इसके अलावा कई अन्य संदिग्धों से पूछताछ जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
जांच एजेंसी ने इस मामले में 12 मई को शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की शिकायत पर FIR दर्ज की थी। FIR में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और ‘पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट-2024’ की विभिन्न धाराएं लगाई गई हैं।
CBI के अनुसार देशभर में कई स्थानों पर छापेमारी के दौरान मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए गए हैं। एजेंसी तकनीकी और फोरेंसिक विश्लेषण के जरिए यह पता लगाने में जुटी है कि प्रश्नपत्र किस तरह लीक हुआ और इसका नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला हुआ था।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कथित “पेपर लीक माफिया” ने परीक्षा से पहले “गेस पेपर” के नाम पर प्रश्नपत्र लाखों रुपये में बेचे थे। राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने भी इस मामले में शुरुआती जांच की थी, जिसके बाद केंद्र सरकार ने मामला CBI को सौंप दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक कुछ उम्मीदवारों से 10 लाख से 25 लाख रुपये तक वसूले गए थे।
सूत्रों के मुताबिक नासिक से गिरफ्तार आरोपी शुभम खैरनार पर आरोप है कि उसने परीक्षा से करीब 45 घंटे पहले प्रश्नपत्र हासिल कर उसे कई लोगों तक पहुंचाया। जांच एजेंसियों को संदेह है कि इस रैकेट में हाईटेक तकनीक, एन्क्रिप्टेड एप्स और डिजिटल नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया।
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद NEET UG-2026 परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। परीक्षा रद्द होने से लाखों छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी और चिंता है। अब केंद्र सरकार और NTA पर परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने का दबाव बढ़ गया है।








