– खराब या बिना मीटर वाले पानी कनेक्शनों को किया जा रहा डिस्कनेक्ट, निगम ने नियमों का पालन सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

गुरुग्राम, 13 मई। नगर निगम गुरुग्राम द्वारा जल आपूर्ति व्यवस्था को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। निगम प्रशासन ने उन सोसाइटियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है, जहां पानी के मीटर या तो लगाए नहीं गए हैं अथवा खराब होने के बाद उन्हें दोबारा पास करवाकर स्थापित नहीं किया गया है।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार संबंधित वार्डों के जूनियर इंजीनियर द्वारा ऐसी सोसाइटियों के पानी कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जा रही है, जो निर्धारित नियमों का पालन नहीं कर रही हैं। बुधवार को निगम टीम ने 4 सोसायटियों के पेयजल आपूर्ति कनेक्शन काटने की कार्रवाई की। इनमें सेक्टर-31-32ए स्थित दा पीच जैस्मीन सोसायटी, श्री गणेश सोसायटी, सेक्टर-10ए स्थि एकता सोसायटी सेक्टर-9 स्थित प्रदीप कुमार ग्रुप हाऊसिंग सोसायटी शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि इन सोसाइटियों को पूर्व में कई बार नोटिस जारी कर मीटर लगवाने अथवा खराब मीटर को बदलकर दोबारा अनुमोदित करवाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन नियमों की पालना नहीं किए जाने के कारण अब कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
जल राजस्व और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की पहल
नगर निगम का कहना है कि बिना मीटर या खराब मीटर के जल आपूर्ति जारी रहने से जल उपयोग का सही आकलन नहीं हो पाता, जिससे राजस्व हानि के साथ-साथ जल प्रबंधन प्रणाली भी प्रभावित होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए निगम द्वारा शहरभर में मीटरिंग व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जा रहा है।
नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि शहर में जल आपूर्ति व्यवस्था को व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाए रखने के लिए सभी उपभोक्ताओं को निर्धारित नियमों का पालन करना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि जिन सोसाइटियों में पेयजल मीटर नहीं लगे हैं या खराब मीटर को दोबारा अनुमोदित कर स्थापित नहीं किया गया है, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। नगर निगम का उद्देश्य नागरिकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करना है, लेकिन इसके लिए सभी संस्थाओं और सोसाइटियों का सहयोग भी जरूरी है। सभी संबंधित सोसाइटियां जल्द से जल्द आवश्यक प्रक्रिया पूरी करें, ताकि जल आपूर्ति व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित की जा सके और भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।








