-डीएलएफ फेज-1 अंडरपास, सेक्टर-43, सेक्टर-27, पोंड बसई व सिग्नेचर टावर अंडरपास में बनाई गई इंसीडेंट साइट्स पर एनडीएमए के सहयोग से होगा राहत एवं बचाव का लाइव अभ्यास
रेस्क्यू टीम के लिए ताऊ देवी लाल स्टेडियम में बनाया गया स्टेजिंग एरिया, पॉली क्लिनिक सेक्टर-31 में बना रिलीफ सेंटर, लघु सचिवालय स्थित ईओसी से होगी निगरानी
गुरुग्राम, 13 मई। हरियाणा सरकार द्वारा 14 मई को गुरुग्राम सहित प्रदेश के बाढ़ संभावित 13 जिलों में एक साथ बड़े पैमाने पर राज्य स्तरीय बाढ़ मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। नेशनल डिज़ास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के सहयोग से आयोजित यह अभ्यास राज्य का अब तक का सबसे बडा आपदा तैयारी अभ्यासों में से एक माना जा रहा है।
गुरुग्राम शहर में संभावित बाढ़ और प्राकृतिक आपदा से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए व्यापक स्तर पर बाढ़ मॉक ड्रिल गुरुवार की सुबह 9 बजे सायरन बजते ही आरंभ होगी।जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न स्थानों पर राहत एवं बचाव कार्यों का लाइव अभ्यास किया जाएगा, ताकि आपात स्थिति में विभागों की त्वरित प्रतिक्रिया और आपसी समन्वय को मजबूत किया जा सके।
लघु सचिवालय में बनेगा इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर
डीसी उत्तम सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि ताऊ देवीलाल स्टेडियम को स्टेजिंग एरिया बनाया गया है, जहां से पूरी मॉक एक्सरसाइज संचालित होगी। इसके अलावा पॉली क्लिनिक सेक्टर-31 गुरुग्राम में रिलीफ सेंटर स्थापित किया जाएगा, जहां प्रभावित लोगों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। वहीं लघु सचिवालय स्थित इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (ईओसी) से पूरी गतिविधियों की निगरानी की जाएगी और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बनाए रखा जाएगा।
यह होंगी इंसीडेंट साइट्स
बाढ़ मॉक ड्रिल के लिए डीएलएफ फेज-1 अंडरपास, बसई के तालाब तथा सिग्नेचर टावर अंडरपास में बाढ़ जैसी काल्पनिक स्थिति तैयार कर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया जाएगा। मॉक ड्रिल के दौरान रेस्क्यू ऑपरेशन, प्राथमिक उपचार, राहत सामग्री वितरण, चिकित्सा सहायता और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने जैसी व्यवस्थाओं का परीक्षण किया जाएगा।
विभिन्न विभागों के समन्वय से होगी ड्रिल
डीसी उत्तम सिंह ने कहा कि इस प्रकार की मॉक एक्सरसाइज का उद्देश्य आपदा की स्थिति में कम समय में प्रभावी राहत कार्य सुनिश्चित करना और विभागों की कार्यप्रणाली को और बेहतर बनाना है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन नागरिकों की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को लेकर पूरी तरह सतर्क है। इस ड्रिल में एनडीएमए, एसडीआरएफ, पुलिस, स्वास्थ्य, सिविल डिफेंस, रेडक्रॉस, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग आदि द्वारा संयुक्त अभ्यास किया जाएगा।








