हरियाणा में बिगड़ती कानून-व्यवस्था सरकार की विफलता का प्रमाण: कुमारी सैलजा

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-प्रदेश में भय का माहौल है और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं

-नशा-मुक्त हरियाणा अभियान की जमीनी हकीकत उजागर

-फरीदाबाद सहित प्रदेश के अनेक हिस्सों में कानून हाथ में लेने की घटनाएं आई सामने

चंडीगढ़, 13 जनवरी। सिरसा की सांसद, कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री कुमारी सैलजा ने कहा है कि हरियाणा में लगातार बढ़ रही चेन स्नैचिंग, चोरी, बैंक डकैती और गुंडागर्दी की घटनाएं प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। हिसार में बैंक में हुई बड़ी सेंधमारी हो या प्रदेश के अन्य हिस्सों में बढ़ते अपराध यह साफ दर्शाता है कि भाजपा सरकार आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पूरी तरह विफल रही है। प्रदेश में भय का माहौल है और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। फरीदाबाद की हालिया घटना भाजपा सरकार के तथाकथित नशा-मुक्त हरियाणा अभियान की जमीनी हकीकत को उजागर करती है। नशा बेचने से रोकने पर खुलेआम पथराव, दो गुटों में हिंसा और एक युवती सहित 10 नागरिकों का घायल होना इस बात का प्रमाण है कि अवैध नशा कारोबारियों में कानून का कोई भय नहीं है। यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है और सरकार की गंभीर नाकामी को दर्शाती है।

सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि भाजपा सरकार के नशा-मुक्ति और सख्त कानून-व्यवस्था के दावे केवल कागजों और प्रचार तक सीमित हैं। ज़मीन पर नशा माफिया बेलगाम है, अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। यह स्थिति भाजपा सरकार की नीतिगत विफलता और कमजोर प्रशासन का प्रत्यक्ष प्रमाण है। उन्होंने चिंता जताई कि सिरसा जैसे शांत और सौहार्दपूर्ण नगरों में भी जिस प्रकार कानून-व्यवस्था को खुलेआम चुनौती दी जा रही है, वह अत्यंत गंभीर विषय है। हाल के दिनों में फरीदाबाद सहित प्रदेश के अनेक हिस्सों में कानून हाथ में लेने की घटनाएं सामने आई हैं, जो यह दर्शाती हैं कि शासन-प्रशासन का नियंत्रण कमजोर पड़ चुका है।

कुमारी सैलजा ने राज्य सरकार से मांग की कि वह कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए, नशा माफिया और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे तथा आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि हरियाणा को भय नहीं, बल्कि भरोसे, न्याय और सुरक्षित वातावरण की आवश्यकता है और सरकार को अपनी यह संवैधानिक जिम्मेदारी निभानी ही होगी।

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Author: Bharat Sarathi

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