कर्मचारियों और नियोक्ताओं के लिए लाभप्रद है प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना : राजीव रंजन

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पीएम विकसित भारत रोजगार योजना को लेकर मानेसर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

प्रधान सचिव राजीव रंजन ने योजना का अधिकाधिक लाभ उठाने का किया आह्वान

गुरुग्राम, 05 जनवरी। हरियाणा के श्रम एवं रोजगार तथा युवा सशक्तिकरण और उद्यमिता विभाग के प्रधान सचिव राजीव रंजन ने कहा कि सरकार द्वारा रोजगार सृजन को बढ़ावा देने तथा उद्योगों को नई दिशा प्रदान करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके तहत युवाओं को अधिक अवसर उपलब्ध होंगे और उद्योगों को कार्यबल सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी। प्रधान सचिव राजीव रंजन सोमवार को गुरुग्राम के आईएमटी मानेसर स्थित एचएसआईआईडीसी के सभागार में आयोजित एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में गुरुग्राम, मानेसर, रेवाड़ी से विभिन्न औद्योगिक एसोसिएशन के
पदाधिकारी मौजूद रहे।

प्रधान सचिव राजीव रंजन ने कार्यक्रम में संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार द्वारा 1 अगस्त 2025 से “प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना” को लागू किया गया है। विकसित भारत पहल के अनुरूप तैयार की गई यह योजना देशभर में समावेशी एवं स्थायी रोजगार अवसरों के सृजन में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि ने यह योजना विभिन्न क्षेत्रों में नए रोजगारों को प्रोत्साहित करेगी तथा विनिर्माण सेक्टर पर विशेष ध्यान केंद्रित करेगी। योजना के दो प्रमुख भाग निर्धारित किए गए हैं।जिसके बारे में उन्होंने विस्तार से जानकारी दी।

कार्यक्रम में विशेषज्ञों द्वारा प्रजेंटेशन के माध्यम से प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना” के बारे में जानकारी देते हुए इसके लाभ के बारे में बताया। वहीं सभागार में मौजूद लोगों द्वारा पहुंचे गए सवालों के भी बारीकी से जवाब देकर उन्हें संतुष्ट करने का कार्य किया। इस अवसर पर ईएसआईसी की श्री योजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि इस योजना की अंतिम तिथि अब 31 जनवरी 2026 कर दी गई है। इस योजना के तहत जिन कर्मचारियों ने पंजीकरण नहीं करवाया है वे अपना पंजीकरण जरूर करवाएं।

भाग ए: पहली बार रोजगार प्राप्त करने वाले कर्मचारियों को मिलेगा लाभ:
विशेषज्ञों ने बताया कि ईपीएफओ में पहली बार पंजीकृत कर्मचारियों को लक्षित करते हुए, इस भाग में एक महीने का ईपीएफ वेतन, अधिकतम 15,000 रुपये दो किश्तों में दिया जाएगा। 1 लाख रुपये तक के वेतन वाले कर्मचारी इसके पात्र होंगे। पहली किश्त 6 महीने की सेवा के बाद और दूसरी किश्त 12 महीने की सेवा और कर्मचारी द्वारा वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम पूरा करने के बाद देय होगी। बचत की आदत को प्रोत्साहित करने के लिए, प्रोत्साहन राशि का एक हिस्सा एक निश्चित अवधि के लिए बचत साधन या जमा खाते में रखा जाएगा और कर्मचारी बाद में इसे निकाल सकेगा।

भाग बी: नियोक्ताओं को मिलेगा प्रोत्साहन:
विशेषज्ञों ने बताया कि यह भाग सभी सेक्टरों में अतिरिक्त रोजगार सृजन को कवर करेगा, जिसमें विनिर्माण सेक्टर पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। नियोक्ताओं को एक लाख रुपये तक के वेतन वाले कर्मचारियों के लिए प्रोत्साहन राशि मिलेगी। सरकार कम से कम छह महीने तक निरंतर रोजगार वाले प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी के लिए दो वर्षों तक नियोक्ताओं को अधिकतम 3000 रुपये प्रति माह तक का प्रोत्साहन देगी। विनिर्माण सेक्टर के लिए प्रोत्साहन राशि को तीसरे और चौथे वर्ष तक भी बढ़ाया जाएगा। ईपीएफओ के साथ पंजीकृत प्रतिष्ठानों को कम से कम छह महीने के लिए निरंतर आधार पर कम से कम दो अतिरिक्त कर्मचारी (50 से कम कर्मचारियों वाले नियोक्ताओं के लिए) या पांच अतिरिक्त कर्मचारी (50 या अधिक कर्मचारियों वाले नियोक्ताओं के लिए) नियुक्त करने की आवश्यकता होगी।

ये रहे मौजूद
इस अवसर पर श्रम विभाग की डायरेक्टर अंजू चौधरी, ईएसआईसी गुरुग्राम के डायरेक्टर सुनील यादव, क्षेत्रीय पीएफ आयुक्त प्रमोद सिंह, नितेंदु मिश्रा, श्रम विभाग गुरुग्राम के अतिरिक्त कमिश्नर नवीन शर्मा और डीईओ रंजीत रावत, मानेसर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन से अतुल मुखी, रेवाड़ी इंडस्ट्री एसोसिएशन से कृष्ण यादव प्रोग्रेसिव फेडरेशन एसोसिएशन (पीएफआई) से दीपक मैनी सहित श्रम, रोजगार, ईएसआईसी के अधिकारी और कर्मचारी के अलावा विभिन्न इंडस्ट्रीज से गणमान्य जन उपस्थित रहे।

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Author: Bharat Sarathi

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