राजस्व आपदा प्रबंधन के अतिरिक्त सचिव के आदेशों पर भिवानी डीसी ने जमाई कुंडली

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-मुख्य सचिव हरियाणा सरकार के आदेशों की भी भिवानी डीसी ने नहीं की पालना

-विजिलेंस विभाग की खुफिया जांच में डीआरओ और नप ईओ मिले थे दोषी

-फर्जी प्राॅपट्री आईडी से कराई थी अवैध काॅलोनियों में भूमि रजिस्ट्री

-डीजीपी विजिलेंस ने भी खुफिया जांच रिपोर्ट में दोषी अधिकारियों की खुली जांच की भेजी थी अनुशंसा

भिवानी 08 अगस्त 2026। जीरो टोलरेंस की नीति अपनाने वाली हरियाणा सरकार में भ्रष्टाचार का बोलबाला किस कद्र हावी है, इसकी एक बानगी भिवानी में सामने आई है। फर्जी प्राॅपर्टी आईडी से अवैध काॅलोनी के प्रतिबंधित इलाके में आधा दर्जन से अधिक भूमि रजिस्ट्री मामले में डीजीपी विजिलेंस की खुली जांच की अनुशंसा पर हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव और राजस्व आपदा प्रबंधन के अतिरिक्त सचिव के आदेशों पर भी भिवानी उपायुक्त (डीसी) ने कुंडली जमा दी है। तीन माह से भिवानी डीसी ने इस रिपोर्ट पर कोई कदम नहीं उठाया है जबकि मुख्य सविच हरियाणा सरकार ने इस मामले में दस दिन के भीतर डीसी को टिप्पणी भेजने के सख्त आदेश दिए थे।

भिवानी तहसील के तहत नगर परिषद अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी प्राॅपर्टी आईडी बनाकर उनसे गलत दस्तावेज तैयार करे छह अलग-अलग भूमि रजिस्ट्री तत्कालीन जिला राजस्व अधिकारी भिवानी से कराई गई। इस मामले में स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के अध्यक्ष बृजपाल सिंह परमार ने 16 जून 2025 को भ्रष्टाचार के इस मामले की शिकायत महानिदेशक भ्रष्टाचार ब्यूरो पंचकूला को दी थी। इस मामले में डीजीपी विजिलेंस ने हिसार विजिलेंस ब्यूरो को कार्रवाई के निर्देश दिए। जिस पर हिसार विजिलेंस कार्यालय ने भिवानी विजिलेंस ब्यूरो के निरीक्षक को खुफिया जांच के निर्देश दिए। जिला विजिलेंस ब्यूरो के निरीक्षक ने अपनी खुफिया जांच की रिपोर्ट 8 सितंबर 2025 को हिसार एसपी विजिलेंस को भेजी। एसपी हिसार विजिलेंस ने 3 अक्तूबर 2025 को खुफिया जांच रिपोर्ट पर अपनी अनुशंसा डीजीपी विजिलेंस को कर दी। विजिलेंस ब्यूरो भिवानी के निरीक्षक की खुफिया जांच में तत्कालीन जिला राजस्व अधिकारी राजकुमार और भिवानी नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी राजाराम को प्रथम दृष्टा शिकायतकर्ता के आरोप गंभीर प्रवृति के पाए गए और इसकी खुली जांच की अनुशंसा भी की गई।

डीजीपी विजिलेंस ने 2 दिसंबर 2025 को खुफिया जांच की अनुशंसा को हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव को भेज दिया। मुख्य सचिव हरियाणा सरकार ने 15 अप्रैल और 20 मई 2026 को राजस्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को आदेश देकर 15 दिन के अंदर रिपोर्ट मांगी। राजस्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने 4 मई 2026 को भिवानी उपायुक्त से जांच के लिए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018 की धारा 17 ए के तहत अनुमति के उपर टिप्पणी दस दिन के अंदर भेजे जाने के आदेश दिए थे। लेकिन तीन माह बाद भी उपायुक्त भिवानी ने इस मामले में राजस्व विभाग के अतिरिक्त सचिव एवं हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव की के आदेशों पर ही कुंडली जमा डाली।

ऐसे किया अधिकारियों ने भूमि रजिस्ट्री में फर्जीवाड़ा

स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के अध्यक्ष बृजपाल सिंह परमार ने आरोप लगाया कि नगर परिषद अधिकारियों ने शहरी दायरे से बाहर हरियाणा सरकार द्वारा बंद किए गए किला और खसरा नंबर की भूमि की पहले तो गलत दस्तावेजों के सहारे फर्जी पीआईडी तैयार की गई। इसी फर्जी पीआईडी के सहारे जिला राजस्व अधिकारी कार्यालय से भिवानी तहसील के अधीन करीब छह अलग-अलग भूमि रजिस्ट्री कराई गई। ये मामला भ्रष्टाचार के दायरे में आता है। इस मामले में हरियाणा सरकार को भी राजस्व चूना लगाया गया है वहीं अनाधिकृत दायरे में अवैध काॅलोनी विकसित किए जाने का भी प्रयास किया गया है। जबकि डीआरओर और नप कार्यकारी अधिकारी सीधे तौर पर इस मामले में विजिलेंस की खुफिया जांच में दोषी पाए जा चुके हैं। जिसमें हरियाणा सरकार खुली जांच कराकर संबंधित दोषी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर कार्रवाई कराएगी।

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Author: Bharat Sarathi

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