5 डिग्री तापमान में टेंट के नीचे बैठीं छात्राएं, कॉलेज संचालक पर यौन व मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप

हिसार/नारनौंद, 28 दिसंबर। हरियाणा के हांसी जिले के नारनौंद क्षेत्र स्थित खुशी कॉलेज ऑफ नर्सिंग, कागसर में अनियमितताओं, महिला सुरक्षा में घोर लापरवाही और यौन व मानसिक उत्पीड़न के आरोपों को लेकर नर्सिंग छात्राओं का धरना तीसरे दिन भी जारी है। शनिवार रात करीब 5 डिग्री तापमान में छात्राएं खुले आसमान के नीचे टेंट लगाकर बैठी रहीं, जबकि रविवार को भी उन्होंने धरना समाप्त करने से साफ इनकार कर दिया।
छात्राओं का कहना है कि जब तक दोषियों पर ठोस और प्रत्यक्ष कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे आंदोलन समाप्त नहीं करेंगी। प्रशासनिक अधिकारियों ने शनिवार रात धरना खत्म करने की अपील की, लेकिन छात्राएं अपने फैसले पर अडिग रहीं।
शराब के नशे में हॉस्टल में घुसने का आरोप
छात्राओं ने आरोप लगाया कि कॉलेज संचालक जगदीश देर रात शराब के नशे में हॉस्टल में घुसता है और आपत्तिजनक व्यवहार करता है। इसके अलावा कॉलेज में काम करने वाले कर्मचारी बाथरूमों में झांकते हैं, क्योंकि कई बाथरूमों में दरवाजे तक नहीं लगे हैं। इससे छात्राएं भय और असुरक्षा के माहौल में रहने को मजबूर हैं।
राजनीतिक समर्थन तेज

छात्राओं के समर्थन में सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा रविवार को धरनास्थल पर पहुंच रही हैं। उन्होंने इस मुद्दे पर सोशल मीडिया के जरिए भी समर्थन जताया है। इससे पहले हुड्डा गुट के विधायक जस्सी पेटवाड़ धरनास्थल पर पहुंचे और छात्राओं से बातचीत की। शाम को किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ भी समर्थन देने पहुंचेंगे।
विधायक ने एसपी से की सख्त कार्रवाई की मांग
विधायक जस्सी पेटवाड़ ने मौके पर ही एसपी से फोन पर बात कर मामले में तेजी से कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने बताया कि 18 दिसंबर को गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट और महिला आयोग की रिपोर्ट दोनों पुलिस को सौंपी जा चुकी हैं। इसके बावजूद कार्रवाई न होना गंभीर सवाल खड़े करता है। विधायक ने एसपी से धरनास्थल पर पहुंचकर छात्राओं से संवाद करने की भी मांग की।
भारी पुलिस बल तैनात
धरनास्थल पर सुरक्षा के मद्देनज़र भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। रात के समय डीएसपी देवेंद्र नैन, थाना प्रभारी रमेश कुमार, बास थाना प्रभारी बलवान सिंह और दो महिला इंस्पेक्टर मौके पर मौजूद रहीं। छात्राओं का कहना है कि पहले भी उन्हें कई बार आश्वासन दिए गए, लेकिन हर बार मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
सीएम के निर्देश पर बनी जांच कमेटी
18 दिसंबर को छात्राएं चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री नायब सैनी के कार्यालय पहुंचीं थीं। उनकी शिकायत सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने जांच कमेटी का गठन किया। शनिवार को कमेटी ने कॉलेज पहुंचकर जांच की और कार्रवाई का भरोसा दिया, लेकिन छात्राओं ने केवल आश्वासन नहीं बल्कि कार्रवाई की मांग करते हुए धरना जारी रखने का फैसला किया।
धरने की प्रमुख वजहें
- 300 छात्राओं पर सिर्फ 2 अध्यापिकाएं, पढ़ाई प्रभावित
- हॉस्टल के खाने में कीड़े, बिजली कटौती और मेडिकल सुविधा का अभाव
- महिला सुरक्षा के कोई ठोस इंतजाम नहीं
- आवाज उठाने पर एडमिशन रद्द करने और डिग्री रोकने की धमकियां
- कॉलेज की मान्यता को लेकर गुमराह करने का आरोप
- शिकायत करने पर छात्राओं और परिजनों को भावनात्मक ब्लैकमेलिंग और धमकियां
छात्राओं का साफ कहना है कि यह लड़ाई केवल उनकी नहीं, बल्कि भविष्य में आने वाली छात्राओं की सुरक्षा और सम्मान की है। अब सबकी नजर प्रशासन और सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।









