बीजेपी पर सिख आस्था से खिलवाड़ का आरोप

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साहिबज़ादों और गुरु गोविंद सिंह जी के कथित कार्टून पर सिख समाज में उबाल, सार्वजनिक माफी की मांग

गुरुग्राम। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर सिख धर्म की आस्था और इतिहास से खुलेआम खिलवाड़ करने का गंभीर आरोप लगा है। सोशल मीडिया पर सिखों के लिए सर्वाधिक पूजनीय चार साहिबज़ादों एवं दसवें पातशाह श्री गुरु गोविंद सिंह जी के कथित कार्टून प्रसारित किए जाने को लेकर सिख समाज में जबरदस्त रोष और आक्रोश देखने को मिल रहा है।

धार्मिक प्रतीकों को राजनीति का औजार बनाने का आरोप

गुरुग्राम के समाजसेवी इंजीनियर गुरिंदरजीत सिंह (अर्जुन नगर) ने कहा कि साहिबज़ादे और श्री गुरु गोविंद सिंह जी केवल ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि सिख अस्मिता और बलिदान की जीवंत प्रतीक हैं। उनका कार्टूनात्मक चित्रण न सिर्फ सिख धार्मिक मर्यादाओं का उल्लंघन है, बल्कि यह धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर आहत करने जैसा कृत्य है।

बीजेपी बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगे

गुरिंदरजीत सिंह ने कहा कि जिस पार्टी के नेता बार-बार “आस्था का सम्मान” और “सांस्कृतिक राष्ट्रवाद” की बात करते हैं, उसी पार्टी द्वारा इस प्रकार का कृत्य किया जाना गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने मांग की कि बीजेपी को तत्काल सार्वजनिक रूप से सिख समाज से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए।

एसजीपीसी से हस्तक्षेप और कार्रवाई की मांग

उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर उन्होंने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी), अमृतसर को ई-मेल के माध्यम से औपचारिक शिकायत भेजी है और अनुरोध किया है कि एसजीपीसी इस प्रकरण का संज्ञान लेते हुए बीजेपी के खिलाफ आवश्यक कदम उठाए।

धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ समाजिक सौहार्द के लिए खतरा

गुरिंदरजीत सिंह ने चेतावनी दी कि यदि राजनीतिक दलों द्वारा धार्मिक प्रतीकों का इस प्रकार उपयोग और अपमान जारी रहा, तो इससे समाज में आपसी भाईचारे और सौहार्द को गहरा नुकसान पहुंचेगा। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे वोट की राजनीति के लिए धार्मिक आस्थाओं को निशाना बनाना बंद करें।

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Author: Bharat Sarathi

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