खुले में आग जलाने पर रोक को लेकर नगर निगम गुरुग्राम की एडवाइजरी जारी

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गुरुग्राम, 20 दिसंबर। सर्दी के मौसम के दौरान सुरक्षा कर्मियों द्वारा स्वयं को गर्म रखने के लिए खुले में आग जलाने की कई घटनाएं सामने आ रही हैं। यह पाया गया है कि इस प्रकार की गतिविधियां वायु गुणवत्ता को गंभीर रूप से प्रभावित करती हैं, जिससे एयर क्वालिटी इंडेक्स में वृद्धि होती है और इसका प्रतिकूल प्रभाव आमजन के स्वास्थ्य एवं पर्यावरण पर पड़ता है।

जनस्वास्थ्य एवं पर्यावरण संरक्षण के हित में नगर निगम गुरुग्राम द्वारा सभी रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों, उद्योगों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तथा सुरक्षा गार्डों को नियुक्त करने वाले सभी संगठनों के लिए एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की गई है। निगम ने सभी संबंधित संस्थाओं को अपने परिसरों में खुले में किसी भी प्रकार की आग जलाने की गतिविधियों पर पूर्ण रूप से रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।

एडवाइजरी में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि कचरा, लकड़ी, पत्तियां अथवा किसी भी अन्य सामग्री को खुले में जलाना सख्त रूप से प्रतिबंधित है। इसके स्थान पर सर्दी के मौसम में सुरक्षा कर्मियों के लिए सुरक्षित एवं स्वीकृत विकल्प जैसे कि इलेक्ट्रिक हीटर अथवा अन्य गैर-प्रदूषणकारी ताप व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।

इसके साथ ही सभी संस्थानों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सुरक्षा कर्मियों को खुले में आग जलाने से होने वाले दुष्प्रभावों तथा इससे संबंधित कानूनी प्रावधानों के बारे में जागरूक करें, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

नगर निगम ने चेतावनी दी है कि खुले में आग जलाना दंडनीय अपराध है। ऐसा करने पर माननीय नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश दिनांक 04.12.2014 एवं 28.04.2015 (ओए संख्या 21/2014), भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 280 तथा पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के अंतर्गत चालान एवं दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस एडवाइजरी का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें, ताकि वायु प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके और शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार लाया जा सके। यह कदम जनहित में उठाया गया है और सभी नागरिकों के सहयोग से ही इसे सफल बनाया जा सकता है।

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Author: Bharat Sarathi

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