धुंध-कोहरे में आवारा गौवंश बन रहा हादसों का कारण, जिम्मेदारी तय करे प्रशासन
लाखों के टेंडर और बड़ी घोषणाएं, लेकिन ज़मीनी हकीकत में हालात जस के तस

गुरुग्राम। गुरुग्राम के समाजसेवी इंजीनियर गुरिंदरजीत सिंह ने शहर में सड़कों पर खुलेआम घूम रहे आवारा गौवंश को लेकर प्रशासन और सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि आज गुरुग्राम की मुख्य सड़कों और रिहायशी कॉलोनियों में गौवंश का सड़कों पर घूमना आम हो गया है, जिससे न केवल यातायात बाधित हो रहा है बल्कि आम नागरिकों की जान भी खतरे में पड़ रही है।
इंजीनियर गुरिंदरजीत सिंह ने बताया कि मदनपुरी रोड पर सड़कों पर गौवंश का खुलेआम घूमना रोज़मर्रा की तस्वीर बन चुका है। यह समस्या केवल एक इलाके तक सीमित नहीं है। सेक्टर-7 एक्स स्थित देवीलाल कॉलोनी के बाहर कूड़े की गाड़ियां और रेहड़ियां खड़ी रहती हैं, जहां गौवंश कूड़ा खाते हुए देखा जा सकता है। वहीं खांडसा मंडी क्षेत्र में बड़ी संख्या में आवारा गौवंश मौजूद है, जिससे सब्ज़ी विक्रेता और खरीदारी करने आने वाले नागरिक दोनों परेशान हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला।
उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में धुंध और कोहरे के कारण दृश्यता पहले से ही कम है। ऐसे में सड़कों पर बैठे या अचानक सामने आ जाने वाले गौवंश किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहे हैं। यदि कोई गंभीर दुर्घटना होती है, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा—यह एक बड़ा सवाल है।
गुरिंदरजीत सिंह ने याद दिलाया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, जो गुरुग्राम कष्ट निवारण समिति के अध्यक्ष भी हैं, ने प्रदेश को आवारा पशु मुक्त बनाने के लिए अभियान चलाने और गौशालाओं को सशक्त करने की घोषणा की थी। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि आज भी आवारा गौवंश सड़कों पर खुलेआम घूम रहा है।
उन्होंने सवाल उठाया कि सड़कों से आवारा पशुओं को पकड़कर गौशालाओं तक पहुंचाने के लिए गठित गौ टास्क फोर्स आखिर कहां है? जब इस कार्य के लिए लाखों-करोड़ों रुपये के टेंडर दिए जा चुके हैं, तो संबंधित एजेंसियां और उनकी निगरानी करने वाले अधिकारी अपनी जिम्मेदारी क्यों नहीं निभा रहे?
इंजीनियर गुरिंदरजीत सिंह ने हरियाणा सरकार, जिला प्रशासन, गुरुग्राम उपायुक्त, एमसीजी कमिश्नर प्रदीप दहिया, जीएमडीए अधिकारियों सहित सभी संबंधित विभागों से इस गंभीर समस्या पर तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि घोषणाएं बहुत हो चुकी हैं, अब ज़रूरत है ठोस और प्रभावी ज़मीनी कार्रवाई की।
उन्होंने स्पष्ट किया कि गौवंश का संरक्षण भी जरूरी है और आम नागरिकों की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। प्रशासन को चाहिए कि गौशालाओं को मजबूत कर और गौ टास्क फोर्स को सक्रिय बनाकर इस समस्या का स्थायी समाधान निकाले।
जय गौ माता।









