नागरिक अधिकारों और लोकतंत्र की रक्षा का ऐतिहासिक प्रयास
संविधान और मताधिकार की रक्षा हर भारतीय का दायित्व : सुखबीर जे. तंवर
ग्रेप-4 की पाबंदी लागू कर हरियाणा, पंजाब और राजस्थान से आने वाली बीएस-4 गाड़ियों को रोकने का प्रयास
फरुखनगर, 14 दिसंबर। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के आह्वान पर दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली “वोट चोर–गद्दी छोड़” महारैली में भाग लेने के लिए फरुखनगर क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ता एवं लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले नागरिक बड़ी संख्या में तंवर फार्म हाउस, गढ़ी नत्थे खां (फरुखनगर) पर एकत्रित हुए। यहां से सभी ने संगठित रूप में दिल्ली के लिए प्रस्थान किया।
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता सुखबीर जे. तंवर ने कहा कि जब जनता के वोट पर डाका डालकर चुनावों की पवित्रता से खिलवाड़ किया जाता है, तब चुप रहना भी अपराध बन जाता है। यह लड़ाई किसी एक राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि दलगत राजनीति से ऊपर उठकर संविधान, लोकतंत्र और हर नागरिक के मूल अधिकार—मताधिकार—की रक्षा की लड़ाई है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आज संगठित होकर संघर्ष नहीं किया गया, तो भविष्य में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता समाप्त होने के लिए तैयार रहना होगा। सत्ता पक्ष द्वारा लोकसभा और राज्यसभा में विपक्षी सांसदों की आवाज दबाना इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित यह महारैली लोकतंत्र बचाने का यज्ञ है, जिसमें देशभर से नागरिक अपनी आहुति देने पहुंचे हैं।
सुखबीर जे. तंवर ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी सरकार ने लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर उनकी गरिमा को अपूरणीय क्षति पहुंचाई है। चुनावी प्रक्रिया से जनता का विश्वास लगातार कम होना लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरे का संकेत है। कांग्रेस पार्टी अन्याय और अलोकतांत्रिक कृत्यों के खिलाफ पूरी मजबूती से खड़ी है और यह महारैली उसी संघर्ष का प्रतीक है। क्षेत्र से भारी संख्या में लोगों का दिल्ली कूच करना इस बात का स्पष्ट संदेश है कि अब जनता चुप नहीं बैठेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि महारैली को विफल करने के उद्देश्य से भाजपा सरकार औछे हथकंडों पर उतर आई है। महारैली से ठीक एक रात पहले प्रदूषण का बहाना बनाकर ग्रेप-4 की पाबंदी लागू कर हरियाणा, पंजाब और राजस्थान से आने वाली बीएस-4 गाड़ियों को रोकने का प्रयास किया गया, जो पूरी तरह अलोकतांत्रिक है। जबकि पिछले तीन महीनों से दिल्ली-एनसीआर सहित हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के दूरदराज क्षेत्र भी गंभीर प्रदूषण की मार झेल रहे हैं। सरकार अपनी विफलता छिपाने के लिए जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों पर अंकुश लगाने का प्रयास कर रही है।
महारैली में भाग लेने के लिए जगदेव यादव, रमेश यादव, सुरेंद्र सिंह, नरेंद्र यादव, राकेश स्वामी, विनोद खेड़ा, पंकज तंवर, सोनू, प्रकाश, लक्ष्य, मयंक, हिमांशु, विकास, धर्मेंद्र सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी संगठित रूप से रामलीला मैदान, दिल्ली के लिए रवाना हुए।









