— वानप्रस्थ व हमारा प्यार हिसार के सहयोग ने बढ़ाई बच्चों की मुस्कान**

हिसार। सामाजिक सरोकार की मिसाल पेश करते हुए वानप्रस्थ संस्था एवं हमारा प्यार हिसार ने संयुक्त रूप से लातानी गांव के सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में अध्ययनरत 180 जरूरतमंद विद्यार्थियों को स्वेटर और जूते वितरित किए।
बाढ़ की मार झेल चुके बच्चों के चेहरे पर यह राहत देखकर कार्यक्रम स्थल पर उत्साह और उमंग का वातावरण दिखाई दिया। शिक्षकों व पंचायत प्रतिनिधियों ने इस पहल की खुलकर सराहना की।
प्रधानाचार्य श्री सुरेंद्र ने संस्थाओं के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए बताया कि हालिया बाढ़ में लातानी गांव गंभीर रूप से प्रभावित हुआ था। विद्यालय परिसर में लगभग 3 फीट तक पानी भर गया, जिसे कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया और उसके बाद ही बच्चों की पढ़ाई दोबारा शुरू हो सकी। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में बच्चों को सहायता मिलना बेहद महत्वपूर्ण है। विद्यालय की ओर से संस्थाओं के सदस्यों को बुके भेंट कर सम्मानित किया गया।
वानप्रस्थ सीनियर सिटीज़न क्लब के महासचिव डॉ. जे.के. डांग ने विद्यार्थियों को जीवन–मूल्यों, शिक्षा, अनुशासन और तकनीक के समझदार उपयोग पर प्रेरक विचार साझा किए। उन्होंने खेल, स्टार्ट–अप और स्किल आधारित करियर के अवसरों पर भी प्रकाश डाला। बाढ़ के बाद भी विद्यालय में स्वच्छता, लैब सुविधाओं और अनुशासन को देखकर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि ग्रामीण परिवेश के छात्र अद्भुत क्षमता रखते हैं।

हमारा प्यार हिसार के अध्यक्ष डॉ. सुशील खरिंटा ने बच्चों को आधुनिक संसाधनों का सही उपयोग कर आदर्श नागरिक बनने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में श्रीमती अदेश मलिक और श्रीमती मंजू पूनिया ने मेहनत, सकारात्मक सोच और अनुशासन को सफलता की कुंजी बताया। उन्होंने कहा कि गाँव का स्वच्छ वातावरण, समर्पित शिक्षक और सरल जीवनशैली इन बच्चों की सबसे बड़ी ताकत है।
गाँव के सरपंच श्री बलवान सिंह नैन ने आश्वासन दिया कि पंचायत सरकारी स्कूल की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए निरंतर सहयोग देगी, ताकि बच्चे निजी स्कूलों की बजाय सरकारी विद्यालय को ही प्राथमिकता दें।
कार्यक्रम में वानप्रस्थ की ओर से श्री उम्मेद सिंह, और हमारा प्यार हिसार की ओर से डॉ. एस.के. गर्ग, अदेश मलिक, त्रिलोक बंसल, दिनेश बंसल, मंजू पूनिया, सुभाषनी, आदित्य, सचिन, पूर्वी बंसल, राजेंद्र गहलोत, राज कुमार वर्मा सहित अन्य स्वयंसेवी सदस्य उपस्थित रहे।
सभी सदस्यों ने बाढ़ प्रभावित बच्चों की सहायता के इस कार्य में अपना बहुमूल्य समय देकर कार्यक्रम को सफल बनाया।









