“विदेशी प्रतिनिधियों से नेता प्रतिपक्ष की भेंट को दरकिनार करना लोकतंत्र पर सीधा प्रहार : कुमारी सैलजा”

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“लोकतांत्रिक परंपराओं पर कुठाराघात: विदेशी प्रतिनिधि-दौरे में विपक्ष को दरकिनार करने पर भड़कीं सैलजा”

चंडीगढ़, 05 दिसंबर। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि भारत की गौरवशाली लोकतांत्रिक परंपरा रही है कि जब भी कोई विदेशी प्रतिनिधि भारत की यात्रा पर आता है, तो लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों के नेता प्रतिपक्ष से औपचारिक भेंट सुनिश्चित की जाती है। यह परंपरा केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि भारत के सशक्त, संतुलित और सहभागी लोकतंत्र का प्रतीक रही है लेकिन विदेशी प्रतिनिधियों से नेता प्रतिपक्ष की भेंट परंपरा को दरकिनार करना लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए घातक है।

मीडिया को जारी बयान सांसद कुमारी सैलजा ने कहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह हों या भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी सभी ने इस परंपरा का आदर करते हुए विपक्ष की भूमिका को महत्व दिया। संसद की गरिमा इसी समावेशी दृष्टिकोण से मजबूत होती आई है। दुर्भाग्य से वर्तमान भाजपा सरकार ने इस महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक प्रक्रिया को दरकिनार कर दिया है। विदेशी प्रतिनिधियों के साथ बैठकों में लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी तथा राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को शामिल न करना न केवल संसदीय मर्यादा का उल्लंघन है, बल्कि यह लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष की संवैधानिक भूमिका को कमजोर करने का प्रयास भी प्रतीत होता है।

सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि लोकतंत्र सरकार और विपक्ष दोनों के सम्मान और सहभागिता से चलता है। भाजपा सरकार द्वारा स्थापित परंपराओं को नजर अंदाज करना देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं और भारत की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा दोनों के लिए हानिकारक है। सांसद ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह लोकतांत्रिक मान्यताओं का सम्मान करे, संसदीय मर्यादाओं का पुन: पालन सुनिश्चित करे और विपक्ष को उसकी संवैधानिक भूमिका निभाने का समुचित अवसर दे।

लोकसभा में सांसद कुमारी सैलजा ने उठाया सिरसा में पेयजल की कमी का मामला

सांसद कुमारी सैलजा ने लोकसभा में पेयजल की कमी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उनके संसदीय क्षेत्र सिरसा सहित पूरे हरियाणा के कई गांव आज भी पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित हैं। केंद्र और राज्य दोनों जगह भाजपा की सरकार होने के बावजूद पेयजल की समस्या जस की तस बनी हुई है। सरकार बड़ी-बड़ी घोषणाएं तो करती है, लेकिन जमीन पर कोई काम दिखाई नहीं देता। सांसद ने कहा कि सिरसा जिला के रानियां क्षेत्र में 40 से अधिक ऐसे गांव है जहां पर नहरी पानी का कोई प्रबंध नहीं है तो राजस्थान सीमा से सटे ऐलनाबाद क्षेत्र के गांवों में आज भी लोग खरीदकर पानी पी रहे हैं। सांसद ने कहा कि हरियाणा व सिरसा में पेयजल संकट को तत्काल प्राथमिकता देकर पेयजल समस्या का समाधान किया जाए।

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Author: Bharat Sarathi

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