ग्रामीण भारत के अध्यक्ष विद्रोही बोले— ‘बदनाम हो रहा गुरु-शिष्य संबंध’, सीआरएसयू जींद प्रकरण पर उठाए सवाल
रेवाडी/चंडीगढ़, 5 दिसंबर 2025। स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने हरियाणा के शिक्षण संस्थानों में छात्राओं से यौन शोषण के कुप्रयासों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि यह गुरु-शिष्य संबंध को कलंकित करने वाली घटनाएं हैं। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में सरकारी, गैर-सरकारी स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, तकनीकी संस्थानों, इंजीनियरिंग व मेडिकल कॉलेजों में संदिग्ध चरित्र वाले शिक्षकों की पहचान कर उन्हें हमेशा के लिए अध्यापन कार्य से बाहर करने की मुहिम चलाने की जरूरत है।
विद्रोही ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के आने के बाद ऐसी घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है, क्योंकि उनकी कथनी और करनी में भारी अंतर है।
उन्होंने कहा— “भाजपा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा देती है, मगर उसका आचरण उसके ठीक विपरीत है। सरकार की असंवेदनशीलता और ढुलमुल रवैये के कारण न तो त्वरित कार्रवाई होती है और न ही रोकथाम के प्रभावी कदम उठाए जाते हैं।”
सीआरएसयू जींद के प्रोफेसर का मामला ताजा उदाहरण
वेदप्रकाश विद्रोही ने चौधरी रणबीर सिंह यूनिवर्सिटी जींद के एक प्रोफेसर द्वारा छात्राओं से की गई कथित अश्लील चैट के मामले पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हर बार घटना के बाद सरकार और प्रशासन निंदा कर लंबी-चौड़ी बातें तो करते हैं, लेकिन वास्तविक समाधान की दिशा में कदम नहीं उठाते।
उनके अनुसार –
“हरियाणा के अधिकांश शिक्षण संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा के लिए कोई प्रभावी सिस्टम मौजूद ही नहीं है।“
अभिभावकों को साथ लेकर बनाना होगा सुरक्षा तंत्र
विद्रोही ने सुझाव दिया कि प्रदेशभर के शिक्षण संस्थानों में अभिभावकों की भागीदारी के साथ प्रभावी मैकेनिज़्म बनाया जाए और उसे सख्ती से लागू किया जाए, ताकि ऐसे दुष्कर्मों की गुंजाइश ही न बचे।
उन्होंने यह भी कहा कि सीआरएसयू जींद के आरोपी प्रोफेसर पर सख्त कानूनी कार्रवाई कर —
“ऐसी कुत्सित मानसिकता वाले लोगों को सबक सिखाया जाए।”
विपक्ष के साथ मिलकर बनाना होगा समाधान
उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि विपक्षी दलों को विश्वास में लेकर छात्राओं की सुरक्षा के लिए एक मजबूत व्यवस्था बनाई जाए ताकि शिक्षण संस्थानों में बेटियां पूरी तरह सुरक्षित महसूस कर सकें।








